
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के पंचायत पांडवी के मैड़ गांव में प्राथमिक पाठशाला के साथ लगते खेल मैदान के समीप भारी भूस्खलन से कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। यहां पर ग्रामीणों ने भूस्खलन के साथ जमीन धंसने की आशंका भी जताई है। मामले में सूचना मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा भी मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना के बाद प्रशासन की ओर से पटवारी सहित संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है।
खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यहां पर जमीन का भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाने की सिफारिश की है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना कि पिछले तीन दिनों से यहां पर लगातार जमीन धंस रही है। प्राथमिक विद्यालय के मैदान के साथ भारी भूस्खलन हुआ है। मैदान के बगल में छह परिवारों के घर हैं। ऐसे में यहां पर रात को भी यह परिवार चैन की नींद नहीं सो पा रहे है। उन्होंने कहा कि बारिश तो थम गई है लेकिन यहां पर खतरा बना हुआ है।
यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो खतरा बढ़ सकता है। यहां पर भूस्खलन की जगह पर क्रेटवाल लगाने और जमीन में पानी न घुसे इसके लिए तिरपताल भी लगाने होंगे। पंचायत के उपप्रधान सुनील कुमार ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। प्रशासन से अपील की कि गांव के भीतर तथा घरों के ऊपर बनीं लगभग 70-80 साल पुरानी स्थित बस्तियों को तुरंत सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए, क्योंकि इस क्षेत्र में अब वास्तविक खतरा उत्पन्न हो गया है। गांववासी भी स्थिति से चिंतित हैं और प्रशासन से त्वरित राहत एवं बचाव कार्य की उम्मीद कर रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और गांववासियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा प्रशासन को इस संबंध में अवगत करवाया। मौके पर पहुंचे पटवारी ने भी संपूर्ण स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर ली है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और जल्द ही इस पर बचाव कार्य आरंभ करवाए जाएंगे।
यहां पर जमीन भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाया जाएगा। पटवारी को मौके पर भेज कर रिपोर्ट तैयार की गई है। भूस्खलन का खतरा है। भूस्खलन की जगह से मकान 50 मीटर की दूरी पर है लेकिन एहतियात बरतते हुए यहां पर तिरपाल इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी।– संजीत सिंह, एसडीएम हमीरपुर
