खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस ने हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दावा किया है कि मोदी सरकार ने पानी को हथियार बनाते हुए तथाकथित वाटर बम का इस्तेमाल किया, जिससे प्रदेश में आई तबाही में सैकड़ों हिंदुओं की मौत हुई।

पीएम मोदी के प्रस्तावित कांगड़ा दौरे के बीच एसएफजे ने लोगों से उनके कार्यक्रम का विरोध करने का आह्वान किया है। संगठन ने इसे राज्य प्रायोजित जल-आतंकवाद करार देते हुए कहा कि यह प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि सोची-समझी कार्रवाई है। 

एसएफजे ने इसके लिए एक पोर्टल और 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू करने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि हिमाचल के हिंदुओं की मदद के लिए वह 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) का दासवंध फॉर फ्रीडम फंड उपलब्ध कराएगा। 

इसके बदले पोर्टल के माध्यम से हस्ताक्षर करने वालों को यह घोषणा करनी होगी कि पंजाब के भारतीय कब्जे से मुक्त होने के बाद हिमाचल प्रदेश खालिस्तान का हिस्सा होगा।

इस बयान को ई-मेल के जरिए कई नेताओं और अधिकारियों तक भी भेजा गया है। सूची में कई विधायकों, पूर्व विधायकों और विभिन्न विभागों से जुड़े ईमेल आईडी शामिल हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा, कि मोदी के वाटर बम ने हिंदुओं को मार डाला है। अब कांगड़ा को उठ खड़ा होना चाहिए और मोदी की राजनीति को खत्म करना चाहिए।

अजय सोलंकी, अनिल कुमार, अनिरुद्ध सिंह, अश्विनी बुटेल, आशीष शर्मा, बलबीर वर्मा, भवानी पठानिया, गौरव, भुवनेश्वर, विक्रम सिंह, चंद्र कुमार, चंदर शेखर, धर्म सिंह ठाकुर, दिलीप ठाकुर, दविंदर बुट्टो, दीपक कपूर, डॉ. शांडिल, हंस राज, हरीश जनार्था, हर्ष चौहान, मुकेश लढेरा इंदरदत्त लखनपाल,बलबिंदर भाल, जगत सिंह नेगी, जयराम ठाकुर, डॉ. जनक, जीत राम कटवाल, कृष्ण लाल ठाकुर, केवल पठानिया, किशोरी लाल सहित के और नेताओं और अधिकारियों को यह मेल किया गया है।