
भारतीय सेना में देश की रक्षा करने वाले अग्निवीरों के बलिदान होने पर परिजनों को एक्स-ग्रेशिया और सेवानिवृति पर नौकरी में आरक्षण देने को लेकर सैनिक कल्याण बोर्ड निदेशालय की ओर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो अग्निवीरों के बलिदान पर परिजनों को एक्स ग्रेशिया का लाभ मिल सकेगा। सरकार इस प्रपोजल को मंजूरी देती है तो अग्निवीरों को प्रदेश सरकार के विभाग में नौकरी में आरक्षण का रास्ता साफ हो सकेगा। सैनिकों को सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान होने पर प्रदेश सरकार की ओर से 30 लाख रुपये तथा एक्सीडेंट या अन्य बीमारी से सामान्य मौत पर साढ़े सात लाख रुपये की राशि एक्स-ग्रेशिया के रूप में प्रदान करती है, जबकि अग्निवीरों को प्रदेश सरकार से यह सुविधा नहीं मिलती है।
हिमाचल प्रदेश में करीब सात हजार अग्निवीर देश की सरहद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें वर्ष 2026 में करीब 2500 अग्निवीरों के चार वर्ष पूरे होने पर सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। ऐसे में अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो इन अग्निवीरों को नियमित सैनिकों वाले यह लाभ मिलेंगे। अग्निवीरों को केवल चार वर्ष के लिए भर्ती किया गया है। इन्हें पेंशन की सुविधा भी नहीं है। 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में भर्ती किया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो अग्निवीर 75 फीसदी से बाहर रह जाएंगे, उनका भविष्य कैसे सुधरेगा।
ऐसे में अग्निवीरों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सैनिक कल्याण बोर्ड निदेशालय ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि निदेशालय की ओर से पिछले वर्ष भी यह प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी। ऐसे में अब दोबारा से निदेशालय की ओर से इस प्रस्ताव को भेजा गया है। पंजाब सरकार ने अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने का ऐलान किया है। ऐसे में हिमाचल में अग्निवीर को नौकरी में आरक्षण की आस इस प्रस्ताव से बंधी है।
अग्निवीरों को नौकरी में आरक्षण देने तथा बलिदान के बाद एक्स-ग्रेशिया राशि प्रदान करने को लेकर निदेशालय ने प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलती है तो अग्निवीरों को सेवानिवृत्त होने व बलिदान के बाद परिजनों को वित्तीय लाभमिल सकेगा। -ब्रिगेडियर मदन शील शर्मा, निदेशक, सैनिक कल्याण बोर्ड निदेशालय, हमीरपुर
