
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के बावजूद निष्कासन वारंट जारी करने पर पालमपुर के सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी के आचरण पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। अदालत ने पालमपुर के सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी को अगली सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है और अपने आचरण पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर को होगी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 21 फरवरी को हाईकोर्ट की ओर से याचिकाकर्ता के पक्ष में स्टे दिए जाने के बावजूद संबंधित प्राधिकरण निष्कासन वारंट जारी करके याचिकाकर्ता को परेशान कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश प्राधिकरण को उपलब्ध कराए जाने के बाद भी उन्होंने यह कहकर मानने से इन्कार कर दिया कि उन्हें उच्च न्यायालय की ओर से आदेश के बारे में सूचित नहीं किया गया है।
अजय मोहन गोयल की अदालत ने इस तरह के अधिकारियों के रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब आदेश महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारियों की उपस्थिति में पारित किया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को आदेश के बारे में सूचित करना महाधिवक्ता कार्यालय का काम है। यह कर्तव्य याचिकाकर्ता पर नहीं डाला गया है। याचिकाकर्ता को केवल तभी दूसरी पार्टी को आदेश की सूचना देनी होती है, जब किसी पार्टी के खिलाफ एकतरफा आदेश पारित किया गया हो।
