
वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कोषाधिकारियों और कोष अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले यह सुविधा मुख्य रूप से बैंकों और लोक मित्र केंद्रों तक सीमित थी, लेकिन अब डाकघर और आईपीपीबी के जुड़ने से खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के पेंशनरों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने पेंशनरों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से अनुरोध किया था। इसके बाद वित्त विभाग ने आईपीपीबी को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने और सत्यापित करने के लिए अधिकृत एजेंसी घोषित कर दिया।सरकार का मानना है कि इस फैसले से बुजुर्ग पेंशनरों को बार-बार बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उन्हें अपने नजदीकी डाकघर या आईपीपीबी के माध्यम से ही यह जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी। इससे समय और परेशानी दोनों की बचत होगी।
