हिमाचल प्रदेश में तहसीलदार, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जैसी कई श्रेणियां अब राजपत्रित ही रहेंगी। वित्त विभाग ने 10 जुलाई के कार्यालय आदेश को संशोधित कर इन श्रेणियों का राजपत्रित दर्जा बहाल कर दिया है। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार के निर्देश पर विशेष सचिव वित्त सौरभ जस्सल ने नए कार्यालय आदेश जारी किए हैं।

दस जुलाई को राज्य सरकार के वित्त विभाग ने कार्यालय आदेश जारी किए थे कि राजपत्रित स्टेटस केवल ग्रुप-एक के अधिकारियों को ही दिया जाएगा, जबकि इससे पहले से ग्रुप बी की कुछ श्रेणियों के अधिकारियों को भी यह स्टेटस दिया जा रहा था। सरकार के आदेशों के बाद ग्रुप बी में शामिल तहसीलदार, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जैसी विभिन्न श्रेणियों से राजपत्रित अधिकारी का तमगा छिन गया। कुछ अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए मामले को सरकारी स्तर पर उठाया। सूत्रों के अनुसार मामला मुख्यमंत्री कार्यालय के ध्यान में भी लाया गया, जिसके बाद तहसीलदार समेत इन कई श्रेणियों के अधिकारियों का अब राजपत्रित का दर्जा बरकरार रखने का फैसला लिया गया है।

ग्रुप बी में लेवल 12 से लेकर लेवल 15 तक के अधिकारी आते हैं, जिनका ग्रेड पे 4,200 रुपये से 4,800 रुपये तक रहता है, जबकि ग्रुप ए के तहत अधिकारी लेवल 16 से 31 तक आते हैं। इसके अनुसार ग्रेड पे 5,000 से लेकर ग्रेड पे 10,000 रुपये तक के अधिकारी शामिल किए जाते हैं। विशेष सचिव वित्त सौरभ जस्सल ने नए कार्यालय आदेश में कहा है कि 10 जुलाई को सरकार ने निर्णय लिया है कि केवल ग्रुप-ए के पदों पर ही राजपत्रित दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने नए आदेश में स्पष्ट किया कि सरकार के किसी विशिष्ट या विशेष आदेश के तहत पहले से आवंटित किसी भी पद की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।