
हिमाचल प्रदेश सरकार ने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा संस्थानों पर हिंसा व संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर सख्ती दिखाई है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशन्स (प्रिवेंशन ऑफ वायलेंस एंड डैमेज टू प्रॉपर्टी) एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकारियों को अधिकृत किया है। मेडिकल कॉलेज, मेडिकल संस्थान, अस्पताल व सरकारी अस्पताल के एमएस अपने अधिकार क्षेत्र में होने वाले ऐसे मामलों में लिखित शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
इसके अलावा संबंधित बीएमओ को भी उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले मेडिकल संस्थानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाली घटनाओं के संबंध में शिकायत दर्ज कराने का अधिकार दिया गया है। सरकार का यह फैसला स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हिंसा, अभद्र व्यवहार या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि आए दिनों डाक्टरों के साथ अस्पातलों में मारपीट की घटनाएं होती रहती है। इसके चलते यह फैसला लिया है।
