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अगर आप शुक्रवार, 2 अक्तूबर को हिमाचल के बाजार में खरीदारी करने जा रहे हैं तो घर से निकलने से पहले अपनी जेब जरूर जांच लें। प्रदेशभर के कारोबारी आज एकदिवसीय हड़ताल में शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते कई बाजारों में UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो आमतौर पर मोबाइल से UPI के जरिए भुगतान करते हैं। आज दुकानों पर खरीदारी के बाद भुगतान के लिए नकदी की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में बाजार जाने वाले लोगों को पर्याप्त कैश साथ रखने की सलाह दी गई है।
आखिर क्यों हो रही है हड़ताल?
कारोबारी संगठनों के अनुसार UPI भुगतान पर प्रस्तावित टैक्स के विरोध में राज्य व्यापार मंडल के आह्वान पर यह एकदिवसीय विरोध किया जा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि वे UPI के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
कैश नहीं हुआ तो ATM जाना पड़ सकता है
पिछले कुछ वर्षों में UPI लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। बड़ी संख्या में लोग बाजार जाते समय ज्यादा नकदी रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करते हैं। ऐसे में आज डिजिटल भुगतान नहीं होने पर बिना कैश पहुंचे ग्राहकों को खरीदारी के बाद नजदीकी ATM का रुख करना पड़ सकता है।
कचहरी व्यापार मंडल भी हड़ताल में शामिल
कचहरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुनीष लुथरा के अनुसार स्थानीय स्तर पर पहले हड़ताल को लेकर संशय था, लेकिन राज्य व्यापार मंडल के साथ बातचीत के बाद स्थानीय व्यापार मंडल ने भी एकदिवसीय हड़ताल में समर्थन देने का निर्णय लिया।
राज्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर में एक दिन तक UPI के माध्यम से लेन-देन नहीं किया जाएगा। कारोबारियों के अनुसार यह विरोध 15 अक्तूबर से प्रस्तावित व्यवस्था के खिलाफ किया जा रहा है। in
कारोबारी बोले- UPI सुविधाजनक, लेकिन कैश की भी जरूरत
नूरपुर के कारोबारी अजय कटोच ने कहा कि UPI ग्राहकों के लिए काफी सुविधाजनक है। कई बार ग्राहक कैश लेकर नहीं आते, लेकिन मोबाइल से भुगतान कर देते हैं। वहीं कुछ कारोबारियों का कहना है कि छोटे भुगतान में नकद आज भी सुविधाजनक है और नेटवर्क की समस्या होने पर डिजिटल भुगतान रुक सकता है।
धर्मशाला में भी केवल नकद भुगतान की तैयारी
धर्मशाला के कारोबारी अनुप गुप्ता ने कहा कि हड़ताल के दौरान ग्राहकों से केवल नकद भुगतान लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से बाजार जाने से पहले पर्याप्त नकदी साथ रखने की अपील की है।
वहीं कारोबारी गगनदीप ने प्रस्तावित UPI टैक्स का विरोध करते हुए कहा कि विरोध के तहत भुगतान केवल नकद में लिया जाएगा।
बाजार जाने वालों के लिए जरूरी बात
आज बाजार में UPI ऐप होने के बावजूद दुकानदार डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी के लिए निकलने से पहले पर्याप्त नकदी साथ रखना जरूरी हो सकता है। हालांकि हड़ताल कितने कारोबारियों तक प्रभावी रहेगी, यह स्थानीय बाजार और व्यापारिक संगठनों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
