हिमाचल प्रदेश में नौकरी पाने की उम्मीद लगाए बैठे बेरोजगार युवाओं को ठगी का शिकार बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महज नौ महीनों के भीतर बेरोजगारों से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान विभिन्न मामलों में कुल 378 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

नौकरी का झांसा देकर बनाया जा रहा निशाना

नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठग निशाना बना रहे हैं। कई बार आरोपियों की ओर से युवाओं को आकर्षक वेतन, पक्की नौकरी और जल्द नियुक्ति का भरोसा दिया जाता है। इसके बदले उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं।

नौ माह में 378 शिकायतें

नौ महीनों में नौकरी के नाम पर ठगी से जुड़ी 378 शिकायतें दर्ज होना बेरोजगार युवाओं के लिए चिंता का विषय है। करीब दो करोड़ रुपये की ठगी का आंकड़ा बताता है कि नौकरी की तलाश में युवा किस तरह साइबर और अन्य धोखाधड़ी करने वालों के निशाने पर हैं।

युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत

नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और प्रमाणिकता की जांच करना जरूरी है। सरकारी नौकरी के लिए केवल आधिकारिक भर्ती वेबसाइटों और विभागों की अधिसूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी भी अनजान लिंक, फोन कॉल या सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए नौकरी का ऑफर मिलने पर सावधानी बरतनी चाहिए।