
शिमला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला (उत्तरी) कैंपस के निर्माण और वन मंजूरी से जुड़े मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने शिक्षा सचिव राकेश कंवर को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं। यह मामला करीब 30 करोड़ रुपये की राशि जमा करने और कैंपस निर्माण में हो रही देरी से जुड़ा है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने अतुल भारद्वाज की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी।
64.2016 हेक्टेयर वन भूमि की मंजूरी का मामला
धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के उत्तरी कैंपस के निर्माण के लिए 64.2016 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया से जुड़ी करीब 30.03 करोड़ रुपये की राशि जमा की जानी है। इसी राशि को लेकर राज्य सरकार, केंद्र और विश्वविद्यालय के बीच जिम्मेदारी का सवाल उठा हुआ है।
प्रदेश के वित्तीय संकट का दिया हवाला
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि हिमाचल प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। ऐसे में वन मंजूरी से जुड़ी राशि केंद्रीय विश्वविद्यालय को स्वयं वहन करनी चाहिए।
दूसरी ओर, वन विभाग का कहना है कि यह राशि जमा करने की जिम्मेदारी यूजर एजेंसी यानी केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की है।
केंद्र सरकार ने उठाए राज्य सरकार के रुख पर सवाल
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पुरानी शर्तों के अनुसार राज्य सरकार को विश्वविद्यालय के लिए जमीन सभी बाधाओं से मुक्त उपलब्ध करवानी थी। इसके साथ ही बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की थी।
केंद्र सरकार ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य सरकार ने गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार पर काफी धन खर्च किया, लेकिन केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस के लिए जरूरी राशि जमा करने से पीछे हट रही है। केंद्र ने राज्य सरकार के इस रुख को विरोधाभासी बताया।
3 दिसंबर को फिर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को तय की है। अदालत ने शिक्षा सचिव को इस दिन व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। अब इस सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वन मंजूरी के लिए आवश्यक राशि जमा करने और धर्मशाला कैंपस के निर्माण को आगे बढ़ाने के संबंध में क्या स्थिति सामने आती है।
