
शिमला: हिमाचल प्रदेश में कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने वाले किसानों के लिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब केवल आवेदन करने से सब्सिडी मिलना तय नहीं होगा। यदि किसी उपकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन आते हैं, तो कृषि विभाग पोर्टल के माध्यम से लॉटरी निकालकर लाभार्थियों का चयन करेगा।
इस नई व्यवस्था को लेकर कई किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि पहले आवेदन करने के बाद उन्हें उम्मीद रहती थी कि योजना के तहत सब्सिडी मिल जाएगी, लेकिन अब लाभ मिलना लॉटरी में नाम आने पर निर्भर हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार, एक किसान एक वर्ष में अधिकतम दो कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पांच वर्ष तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकता। किसानों का सवाल है कि यदि उन्होंने आवेदन किया और लॉटरी में उनका नाम नहीं आया तो फिर उन्हें योजना का लाभ कब मिलेगा।
पहले कृषि उपकरणों पर सब्सिडी का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाता था। हालांकि, आवेदन अधिक होने और सब्सिडी के लिए उपलब्ध लक्ष्य सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन लंबित रह जाते थे। कई किसानों को लंबे समय तक लाभ नहीं मिल पाता था।
अब विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए आवेदन की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन करने की व्यवस्था शुरू की है। विभाग का कहना है कि इससे उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार आवेदकों का चयन किया जा सकेगा और पुराने लंबित आवेदनों की समस्या भी कम होगी।
कृषि विभाग के अनुसार जब किसी कृषि उपकरण के लिए सब्सिडी का विकल्प पोर्टल पर खोला जाता है तो किसानों को आवेदन करने के लिए निर्धारित समय दिया जाता है। इस अवधि में प्राप्त सभी आवेदनों में से पोर्टल के माध्यम से लॉटरी निकाली जाती है। लॉटरी में चयन होने के बाद ही किसान सब्सिडी प्राप्त करने की आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने लॉटरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया। उनका कहना है कि चाहे केंद्र सरकार की योजना हो या राज्य सरकार की, सब्सिडी के लिए लॉटरी व्यवस्था उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो किसान पहले ही कृषि उपकरण खरीद लेता है, उसका इसमें क्या कसूर है।
ऐसे में अब किसानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आवेदन करने के बावजूद यदि लॉटरी में नाम नहीं आया तो उन्हें सब्सिडी का लाभ कब और किस तरीके से मिलेगा।
