
चंबा-बैरागढ़ मार्ग पर चलुंज मोड़ के पास हुए निजी बस हादसे में माता-पिता का सहारा खोने वाले नौ बच्चों को प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा। सरकार की योजना के तहत सात बच्चों को सुख शिक्षा योजना और दो बच्चों को सुख आश्रय योजना के दायरे में लाया जाएगा।
सरकार ने इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक आदेश जारी किए थे। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की फील्ड टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर बच्चों से संबंधित जानकारी जुटाई है। विभाग की ओर से तैयार की गई सूची अब सरकार को भेजी जाएगी। सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद बच्चों को संबंधित योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों में सुपरवाइजर रीतो देवी के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देवो देवी और बबली देवी ने बाहला गांव का दौरा किया। टीम ने हादसे में जान गंवाने वाले देसराज के तीन बच्चों अर्पित, पूनम और प्री-प्राइमरी में पढ़ रहे अक्षित का ब्योरा जुटाया।
इसी गांव में माता-पिता का सहारा खोने वाली चंपा देवी और राहुल शर्मा को सुख आश्रय योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कागजी औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। हादसे में जान गंवाने वाले परिचालक तेज सिंह की एक बेटी और चालक रूप सिंह के तीन बच्चों को भी सुख शिक्षा योजना के तहत लाभ दिलाया जाएगा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी तीसा वीना देवी ने बताया कि प्रभावित बच्चों से संबंधित ब्योरा एकत्रित कर लिया गया है। सूची तैयार कर इसे सरकार को भेजा जाएगा। स्वीकृति के बाद बच्चों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
