
शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक नई पहल शुरू की गई है। अब प्रदेश के आईएएस अधिकारियों को फाइलों और बैठकों के साथ-साथ हर महीने पढ़ाई के लिए भी समय निकालना होगा। राज्य सरकार ने सभी आईएएस अधिकारियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर नियमित रूप से ऑनलाइन लर्निंग करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों को हर महीने कम से कम एक घंटे की ऑनलाइन लर्निंग पूरी करनी होगी। इतना ही नहीं, अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी और विभाग के हिसाब से संबंधित पाठ्यक्रम का चयन कर उसे पूरा करना होगा।
विभाग के हिसाब से चुन सकेंगे कोर्स
इस ऑनलाइन लर्निंग के जरिए अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण ले सकेंगे। उदाहरण के लिए वित्त, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ऊर्जा या अन्य विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित विषयों के पाठ्यक्रम चुन सकेंगे।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों में अधिकारियों को हर महीने न्यूनतम एक घंटे की लर्निंग पूरी करने के साथ ही पोर्टल पर नियमित सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सरकार का उद्देश्य है कि प्रशासनिक अधिकारी केवल फाइलों और रोजमर्रा के काम तक सीमित न रहें, बल्कि बदलती परिस्थितियों और नई जरूरतों के मुताबिक अपने ज्ञान, कौशल और कार्यक्षमता को लगातार अपडेट करते रहें।
ऑनलाइन लर्निंग में हिमाचल पहले स्थान पर
आईएएस अधिकारियों के लिए यह व्यवस्था ऐसे समय में लागू की जा रही है, जब आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर हिमाचल प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों की भागीदारी और प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग जारी की थी। सरकारी कर्मचारियों की संख्या के आधार पर राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया था।
श्रेणी-बी में हिमाचल प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया। हिमाचल को 51.56 का कंपोजिट स्कोर मिला।
वहीं गुजरात 51.18 अंक के साथ दूसरे और कर्नाटक 40.47 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
श्रेणी-बी में तेलंगाना 40.41 अंक के साथ चौथे, पंजाब 40.06 के साथ पांचवें, उत्तराखंड 34.49 के साथ छठे, जम्मू-कश्मीर 32.89 के साथ सातवें, नगालैंड 31.09 के साथ आठवें, छत्तीसगढ़ 30.79 के साथ नौवें और हरियाणा 30.71 अंक के साथ दसवें स्थान पर रहा।
तीन श्रेणियों में बांटे गए राज्य
आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की रैंकिंग के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सरकारी कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
एक लाख तक सरकारी कर्मचारी वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को श्रेणी-ए, एक लाख एक से पांच लाख तक कर्मचारियों वाले राज्यों को श्रेणी-बी और पांच लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी वाले राज्यों को श्रेणी-सी में रखा गया है।
हिमाचल की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह 51.56 अंक के साथ गुजरात से केवल 0.38 अंक आगे रहा। अब सरकार अधिकारियों की नियमित ऑनलाइन लर्निंग के जरिए इस प्रदर्शन को बनाए रखने और प्रशासनिक क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।
