शिमला। त्योहारों के सीजन के बीच राजधानी शिमला में खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने मिठाई विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बालूगंज क्षेत्र में मिठाइयों में कॉकरोच मिलने के मामले में विभाग ने दो प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। वहीं शिमला बस स्टैंड स्थित एक मिठाई की दुकान में गुलाबजामुन के अंदर मरी हुई मक्खियां मिलने पर करीब 10 किलो मिठाई मौके पर ही नष्ट करवाई गई।

विभाग की कार्रवाई के बाद शहर के मिठाई दुकानदारों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया है।

मिठाइयों में मिले थे कॉकरोच

खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग के अनुसार बालूगंज क्षेत्र के दो प्रतिष्ठानों की मिठाइयों में कॉकरोच पाए गए थे। रसगुल्ला और गुलाबजामुन समेत अन्य मिठाइयों में कॉकरोच मिलने को विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना।

इसके बाद दोनों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। विभाग की ओर से संबंधित दुकानदारों को ऑनलाइन नोटिस भी जारी किए गए हैं। लाइसेंस निलंबित रहने के दौरान ये प्रतिष्ठान खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं कर सकेंगे।

बस स्टैंड की दुकान में गुलाबजामुन में मिली मरी मक्खियां

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वीरवार सुबह बस स्टैंड, छोटा शिमला और संजौली क्षेत्र में कुल आठ दुकानों का निरीक्षण किया।

बस स्टैंड स्थित एक मिठाई की दुकान की जांच के दौरान गुलाबजामुन में मरी हुई मक्खियां पाई गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने करीब 10 किलो मिठाई मौके पर ही नष्ट करवाई।

टीम ने दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण और स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच की। छोटा शिमला और संजौली में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

त्योहारों को देखते हुए विभाग अलर्ट

इन दिनों त्योहारों का सीजन चल रहा है और मिठाई की दुकानों पर बड़ी मात्रा में मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। विभाग का कहना है कि कुछ संचालक अधिक मुनाफे के चक्कर में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर सकते हैं। इसी को देखते हुए विभाग की ओर से लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. विजया और खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा की अगुवाई में टीम ने यह कार्रवाई की।

स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष भी पहुंचा था मामला

मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान का मामला स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के समक्ष भी उठाया गया था। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लेने की बात कही थी।

इसके बाद विभाग ने कार्रवाई और निगरानी तेज कर दी है।

दुकानदारों को दिए सख्त निर्देश

विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को मिठाइयां तैयार करने में केवल मानक गुणवत्ता वाले खोया और पनीर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य पदार्थों में केवल अनुमति प्राप्त खाद्य रंगों का इस्तेमाल करने और निर्माण व भंडारण के दौरान स्वच्छता बनाए रखने की हिदायत दी गई है।

सहायक आयुक्त डॉ. विजया ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।