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सोलन के आंजी में 29 वर्षीय प्रिशिका और उसकी छह माह की बच्ची की मौत के मामले में घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसी बीच प्रिशिका के पिता ने दावा किया है कि घटना वाले दिन उसके पति ने उसे WhatsApp पर ब्लॉक कर दिया था, जिसके बाद वह परेशान थी। वहीं परिजनों ने पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद और कथित प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार प्रिशिका रविवार को अपनी छह माह की बच्ची के साथ बिलासपुर के नम्होल से सोलन आई थी। उसका पति आशुतोष उसे सोलन छोड़कर वापस चला गया था। घटना वाले दिन प्रिशिका की छोटी बहन भी कमरे में मौजूद थी। बताया गया है कि प्रिशिका ने अपनी बहन को खाने-पीने का सामान लेने के लिए बाहर भेजा था।
जब बहन वापस लौटी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज लगाने और फोन करने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने अपने पिता हरविंद्र बिष्ट को सूचना दी। पिता बालकनी की खिड़की के रास्ते कमरे के अंदर पहुंचे, जहां प्रिशिका और उसकी छह माह की बच्ची मृत मिलीं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के वास्तविक कारण और पूरा घटनाक्रम पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना के बाद प्रिशिका के पिता हरविंद्र बिष्ट ने बताया कि उनकी बेटी की पति से फोन पर बातचीत होती रहती थी। उनके अनुसार, घटना वाले दिन पति ने प्रिशिका को WhatsApp पर ब्लॉक कर दिया था। पिता का दावा है कि इसी बात को लेकर उनकी बेटी परेशान थी।
उन्होंने बताया कि वह घटना वाले दिन सुबह काम के लिए घर से निकले थे। उस समय प्रिशिका सामान्य थी और उसने किसी विवाद या परेशानी की बात नहीं बताई थी। शाम करीब छह बजे जब वह वापस लौटे तो बेटी और नातिन की मौत हो चुकी थी।
वहीं प्रिशिका की मौसी ने पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद होने का दावा किया है। परिजनों ने ससुराल पक्ष की ओर से कथित मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं। मौसी के अनुसार, प्रिशिका ने इस संबंध में पहले महिला आयोग में शिकायत भी की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
मामले में पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया है। एएसपी सोलन रमेश शर्मा के अनुसार, पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस पति-पत्नी के बीच कथित विवाद, घटना वाले दिन WhatsApp पर संपर्क और ब्लॉक किए जाने की बात, परिजनों की ओर से लगाए गए प्रताड़ना के आरोप तथा महिला आयोग में कथित शिकायत समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
फिलहाल इस मामले में कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। घटना से ठीक पहले कमरे के अंदर क्या हुआ, प्रिशिका किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई—इन सभी बिंदुओं की पुलिस जांच कर रही है।
घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान जांच के प्रमुख आधार होंगे। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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