
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में कई साधन संपन्न लोगों ने फर्जी श्रम कार्ड बना लिए। प्रदेश कामगार कल्याण बोर्ड में 38 लोगों का पंजीकरण फर्जी पाया गया। इनमें 12 लोगों ने मातृत्व अवकाश और मकान बनाने के लिए 9 लाख रुपये के गलत लाभ ले लिए। बोर्ड ने जिला हमीरपुर के विभिन्न थानों में गलत लाभ लेने वालों पर एफआईआर दर्ज कराई है। अब इनसे रिकवरी करने की तैयारी है। जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से 38 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया है, उन पर भी कार्रवाई होगी।
बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने सचिवालय में प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी के यह मामले बड़सर, भोरंज, हमीरपुर और सुजानपुर के हैं। भाजपा सरकार दौरान 2021-22 में यह फर्जीवाड़ा हुआ है। अब प्रदेश स्तर पर लोगों के पंजीकरण की जांच होगी। इसके लिए सभी पंजीकरण की ई-केवाईसी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में 70 हजार से ज्यादा लोगों को बोर्ड में पंजीकृत किया गया।
कांग्रेस सरकार में 2025-26 में अभी तक 5247 लोगों के पंजीकरण करने की बात बोर्ड अध्यक्ष ने कही। कहा कि 70,863 मजदूरों की ई केवाईसी कर दी गई है। जबकि बोर्ड से 4 लाख 70 हजार 126 लोग पंजीकृत हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए आए कुछ फॉर्म अवैध पाए गए हैं। है। बोर्ड के ऊपर कामगारों की 500 करोड़ रुपये की देनदारी है जिसे बोर्ड जल्द चुकता करेगा। बोर्ड की ओर से श्रमिकों को 14 योजनाओं के लिए पैसा उनकी भी जांच हो रही दिया जाता है।
