हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 

बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों की जान खतरे में है।

लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है। पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थाई कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है।

उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी वैली में भी मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया है। देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए हैं। 

गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

प्रशासन का अलर्ट
जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की अपील की है। आपदा की स्थिति में तुरंत निकटतम सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। 

प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन बारिश की तीव्रता के कारण चुनौतियां बढ़ रही हैं। एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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