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शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। प्रदेश में करीब 3,500 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र से राहत और मुआवजे की मांग की है। अब नुकसान का जमीनी आकलन करने के लिए अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम सोमवार से हिमाचल के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचेगी।

केंद्रीय टीम 28 सितंबर से 1 अक्तूबर तक प्रदेश के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडू के नेतृत्व में टीम सोमवार को कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे पहुंचेगी। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

टीम में जल शक्ति मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद के अधिकारी भी शामिल होंगे।

इन इलाकों का होगा निरीक्षण
केंद्रीय टीम चंबा के भटियात और चुवाड़ी, कांगड़ा के बोह, कुल्लू-मंडी के सैंज और बंजार समेत सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। इसके अलावा शिमला, कसौली और परवाणू में भी नुकसान का जमीनी जायजा लिया जाएगा।

बारिश से 366 लोगों की मौत
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून के दौरान बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 366 लोगों की मौत हुई है, जबकि 614 लोग घायल हुए हैं। चार लोग अभी लापता बताए गए हैं। आपदा में 579 मवेशियों की भी जान गई है।

बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में 43 पक्के और 101 कच्चे मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं। वहीं 161 पक्के और 365 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

जिलावार आंकड़ों में शिमला में सबसे अधिक 23 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद चंबा में 22, कांगड़ा में 19, मंडी और लाहौल-स्पीति में 18-18 तथा सिरमौर में 16 लोगों की मौत हुई है।

सड़क-पुलों को सबसे ज्यादा नुकसान
प्रदेश के 12 जिलों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन 3412.80 करोड़ रुपये किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान सड़क और पुलों को हुआ है। सड़क-पुल क्षेत्र में करीब 2531.84 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है और लगभग 6215 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं।

वहीं जल शक्ति विभाग के क्षेत्र में करीब 385 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 4784 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

कब और कहां पहुंचेगी केंद्रीय टीम?
28 सितंबर को टीम चंबा-कांगड़ा के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। 29 सितंबर को कांगड़ा और कुल्लू, जबकि 30 सितंबर को कुल्लू में नुकसान का जायजा लिया जाएगा। 1 अक्तूबर को टीम शिमला और सोलन के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी।

राज्य सरकार ने मानसून से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजकर राहत और मुआवजे की मांग की है। केंद्रीय टीम के जमीनी निरीक्षण के बाद नुकसान और राहत की जरूरत को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।