हिमाचल में भाजपा का दबदबा, तीन नगर निगमों पर कब्जा; जिला परिषद और बीडीसी चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन

हिमाचल प्रदेश में नगर निगम, जिला परिषद और पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों के परिणामों ने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। चार नगर निगमों में से तीन—मंडी, धर्मशाला और सोलन—पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने अपना वर्चस्व कायम रखा। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने कई जिलों में मजबूत प्रदर्शन किया है।

नगर निगम मंडी में भाजपा ने 15 में से 12 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस केवल एक सीट पर सिमट गई। एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे और एक वार्ड में मतदान नहीं हुआ। धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। सोलन नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 10 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस छह सीटों और एक निर्दलीय प्रत्याशी को सफलता मिली। पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने 15 में से 11 सीटें जीतकर भाजपा को चार सीटों तक सीमित कर दिया।

जिला परिषद चुनावों में भी भाजपा का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। मंडी जिले में 36 में से 25 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि कांग्रेस मात्र चार सीटों पर सिमट गई। शिमला जिला परिषद में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां शुरुआती परिणामों में दोनों दल बराबरी पर रहे और निर्दलीय उम्मीदवार सत्ता की चाबी बनकर उभरे। कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई।

पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में प्रदेशभर से कई दिलचस्प नतीजे सामने आए। शिमला जिले के शोघी से कमलेश, जुन्गा से सीमा सेन और मशोबरा से निरम सिंह ने जीत दर्ज की। सिरमौर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू और अन्य जिलों में भी कई उम्मीदवारों ने भारी मतों से जीत हासिल की।

इन चुनावों की एक खास बात युवाओं की मजबूत भागीदारी रही। लाहौल-स्पीति की 19 वर्षीय टशी पलमो, सिरमौर के 19 वर्षीय वंश और सोलन की 19 वर्षीय लक्ष्मी पंचायत समिति सदस्य चुने गए। वहीं धर्मपुर (कसौली) से 21 वर्षीय स्मृति अत्री ने बीडीसी चुनाव जीतकर युवा नेतृत्व की नई मिसाल पेश की।

चुनाव परिणामों के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इसे कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ जनादेश बताया। उन्होंने कहा कि तीन नगर निगमों में मिली जीत जनता के भाजपा पर विश्वास और कांग्रेस सरकार के प्रति असंतोष को दर्शाती है। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय मुद्दों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन को परिणामों का प्रमुख कारण बताया।

नगर निगमों के साथ-साथ जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजों ने साफ संकेत दिए हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। आने वाले समय में जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा नगर निगमों में महापौर और उपमहापौर के चुनाव प्रदेश की राजनीति का अगला बड़ा केंद्र होंगे।

1. शिमला जिला परिषद में कांटे की टक्कर

  • 18 वार्डों के परिणामों में कांग्रेस और भाजपा 7-7 सीटों पर बराबरी पर रहीं।
  • 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते, जिससे सत्ता की चाबी उनके हाथ में आ गई।
  • चमियाना वार्ड से भाजपा समर्थित खुश विक्रम सेन ने कांग्रेस प्रत्याशी को 9981 वोटों के बड़े अंतर से हराया।

2. मंडी जिला परिषद में भाजपा का दबदबा

  • 36 में से 25 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे।
  • कांग्रेस केवल 4 सीटों तक सिमट गई।
  • 5 निर्दलीय और 2 सीटें सीपीआईएम के खाते में गईं।
  • कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंपा ठाकुर और भाजपा समर्थित वंदना गुलेरिया की हार चर्चा में रही।

3. सिरमौर में भाजपा की सेंध

  • कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार के विधानसभा क्षेत्र रेणुका में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
  • संगड़ाह क्षेत्र की तीनों जिला परिषद सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे।

4. कुल्लू में भाजपा आगे

  • 14 जिला परिषद सीटों में भाजपा ने 8, कांग्रेस ने 5 और एक निर्दलीय ने जीत दर्ज की।
  • धाउगी वार्ड में पुनर्गणना के बाद परिणाम बदला, जिस पर विवाद भी हुआ।

5. हमीरपुर में भाजपा का मजबूत प्रदर्शन

  • अधिकांश घोषित जिला परिषद सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे।
  • मुख्यमंत्री सुक्खू के गृह क्षेत्र नादौन में भी भाजपा को बढ़त मिली।

6. कांगड़ा में भाजपा की बढ़त

  • घोषित 22 जिला परिषद सीटों में भाजपा ने 12, कांग्रेस ने 4 और 6 निर्दलीयों ने जीत दर्ज की।
  • अंतिम तस्वीर सभी परिणाम आने के बाद स्पष्ट होनी थी।

7. युवाओं का शानदार प्रदर्शन

  • लाहौल-स्पीति की 19 वर्षीय टशी पलमो।
  • सिरमौर के 19 वर्षीय वंश।
  • सोलन की 19 वर्षीय लक्ष्मी।
  • धर्मपुर (कसौली) की 21 वर्षीय स्मृति अत्री।
    इन युवाओं की जीत ने चुनावों में नई पीढ़ी की भागीदारी को मजबूत किया।

8. पत्रकारों की भी जीत

  • पांवटा साहिब से पत्रकार जय प्रकाश तोमर बीडीसी सदस्य चुने गए।
  • धर्मशाला नगर निगम के खनियारा वार्ड से पत्रकार प्रवीण प्रकाश विजयी रहे।

9. नगर निगमों में महिलाओं का दबदबा

  • मंडी नगर निगम में 14 में से 8 सीटों पर महिलाओं ने जीत दर्ज की।
  • दो सामान्य (ओपन) सीटों पर भी महिला उम्मीदवार विजयी रहीं।

10. भाजपा का राजनीतिक दावा

  • भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने तीन नगर निगमों में जीत को कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ जनादेश बताया।
  • भाजपा संगठन महामंत्री सिद्धार्थन ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।