हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मौसम साफ रहा, जिससे मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ा। ऊना में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने 25 से 29 जून के बीच पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश और अंधड़ की संभावना जताई है। इस बीच, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी ने पर्यटकों को लुभाया है।

मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रही, जिसके चलते ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी के निचले इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। मैदानी जिलों में बढ़ती गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में ही दुबके रहे।

जहां मैदानी इलाकों में गर्मी का आलम रहा, वहीं सोमवार रात को कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रे के आसपास और लाहौल की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। रोहतांग सहित ऊंची चोटियों में पांच से 10 सेंटीमीटर तक बर्फ जमी है। मंगलवार को धूप खिलने पर पर्यटकों ने बर्फ के बीच खूब आनंद लिया और मनमोहक नजारों का लुत्फ उठाया।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 25 जून से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 25 से 29 जून तक प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन के साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने की आशंका है। यह मौसमी बदलाव गर्मी से कुछ राहत दिला सकता है, लेकिन साथ ही आंधी-तूफान का खतरा भी बढ़ा सकता है।

तापमान में संभावित बदलाव
वर्तमान में, राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव अपेक्षित नहीं है। हालांकि, आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में कुछ गिरावट की उम्मीद की जा सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां बारिश की संभावना है।