हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक देते ही भारी बारिश और भूस्खलन ने कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच बुधवार को लाहौल-स्पीति में दो और चंबा में एक जगह बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। लगातार बारिश से प्रदेशभर में नदी-नाले उफान पर हैं। पिछले 24 घंटों में चंबा में सामान्य से 544 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से उमस बढ़ गई है। ऊना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

लाहौल-स्पीति में मंगलवार रात दो जगह बादल फटे। जिस्पा में बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। मलबा आने से मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया जबकि तांदी-संसारी मार्ग भी यातायात के लिए बंद करना पड़ा। पट्टन घाटी के पड़ाक गांव में भी बादल फटने से आई बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा और रीवालिंग संपर्क सड़क बाधित हो गई। चंबा के साहो की कीड़ी पंचायत में बादल फटने से सेब बगीचों को नुकसान हुआ। कीड़ी-बंजल मार्ग पर जुंगली नाला के पास करीब 500 मीटर सड़क बह गई और कैंची मोड़ के समीप तीन पैदल पुलियां भी पानी में बह गईं।

पठानकोट-भरमौर हाईवे और चंबा-तीसा मार्ग कई घंटे बंद रहने से करीब 30 पंचायतों का संपर्क प्रभावित रहा। सलूणी में कई घरों में मलबा घुस गया, जबकि किलाड़-सेचू मार्ग पर मलबे में जेसीबी दब गई। मंडी जिले में बुधवार सुबह भारी बारिश के बीच औट स्थित शनि मंदिर के पास कार से उतरी एक महिला पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। जिले में ब्यास सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं। 

प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बारिश के कारण राज्यभर में 35 सड़कें बंद हैं और 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऊना में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, सब्जी मंडी का कारोबार प्रभावित रहा और एक स्कूल परिसर में पानी भर गया। भरवाईं में राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा धंसने से तीन दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है। रामपुर में गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से तीन पंचायतों का संपर्क कट गया। 

किन्नौर जिले के रिस्पा नाले में आई बाढ़ से गांव को जोड़ने वाली सड़क बह गई, जबकि नाथपा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बिलासपुर-सोलन सीमा के क्यारड़ क्षेत्र में भारी भूस्खलन से शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 8 घंटे बंद रहा। इससे शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

आज और कल ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में दो और तीन जुलाई को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि शेष जिलों में बारिश का येलो अलर्ट है। चार जुलाई को प्रदेश में ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है। पांच और छह जुलाई के लिए दोबारा प्रदेश में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। सात जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।

सामान्य से 251% अधिक बरसे बादल: हिमाचल में 30 जून की रात से एक जुलाई की शाम तक प्रदेश में सामान्य से 251 फीसदी अधिक बादल बरसे। इस अवधि में 4.1 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है, जबकि 14.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बिलासपुर में सामान्य से 308, चंबा में 544, हमीरपुर में 305, कांगड़ा में 572, कुल्लू में 501, मंडी में 171, शिमला में 11, सोलन में सात और ऊना में 3 फीसदी अधिक बारिश हुई। किन्नौर में सामान्य से 100, लाहौल-स्पीति में 64 और सिरमौर में 69 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।

कुल्लू में डूबा पंजाब का पर्यटक : कुल्लू जिले की पार्वती घाटी के जैनाला में पंजाब के एक पर्यटक की नहाते समय नाले में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अंशतेजी (21) निवासी मकान नंबर-965, गली नंबर-04, मोहल्ला प्रीतनगर, कपूरथला (पंजाब) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक वह दोस्तों के साथ कसोल और मणिकर्ण घूमने आया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

कहां कितनी बारिश (मिलीमीटर में)

स्थानबारिश (मिलीमीटर)
पालमपुर74
ऊना63
धर्मशाला44
देहरा38
कांगड़ा35
बिलासपुर27
भुंतर27
हमीरपुर15
मंडी13
शिमला12