
चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे चौदह दिन बाद बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लारजी-बंजार एनएच भी छोटे वाहनों के लिए खुल गया है। बंजार के सैंज में हेलिकाप्टर से 30 क्विंटल राशन पहुंचाया गया। कुल्लू से मनाली हाईवे बहाल करने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। गगल एयरपोर्ट पर सोमवार को सभी उड़ानें समय पर पहुंचीं। शिमला में खराब मौसम के चलते हवाई सेवाएं ठप रहीं। सोमवार शाम तक प्रदेश में तीन एनएच सहित 744 सड़कें, 959 बिजली ट्रांसफार्मर और 472 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। हालांकि 14 सितंबर तक कोई भी अलर्ट नहीं है।
कुल्लू जिले में रविवार रात को करीब दो घंटे और सोमवार शाम को बारिश हुई। इससे जिले की सड़कों को सुचारु करने के कार्य में खलल पड़ा। एनएचएआई ने हाईवे-305 को लारजी से बंजार तक छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है। इसके अलावा यहां एयरटेल की मोबाइल सेवा को भी रिस्टोर कर दिया है। चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे दो सप्ताह के बाद छोटी गाड़ियों के लिए बहाल हो गया। अभी भी जिले में 94 सड़कें बंद हैं, जबकि 104 ट्रांसफार्मर बंद होने से 520 गांवों में अंधेरा ही पसरा हुआ है। भारी बारिश के बाद नालों-खड्ढों में बढ़े जलस्तर से 34 पेयजल योजनाएं बंद हैं। इस कारण लोगों को मीलों दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ऊना जिले में सोमवार सुबह और दोपहर को बारिश हुई। जिन स्थानों पर सड़क खोलने का कार्य चल रहा है, वहां बार-बार बारिश से प्रभावित हो रहा है। हमीरपुर में दिनभर रुक-रुक कर बारिश हुई।
कांगड़ा जिले में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा और दोपहर बाद धर्मशाला सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। सुबह के समय मौसम साफ रहने के चलते गगल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें समय पर पहुंचीं। राजधानी शिमला में दोपहर को बूंदाबांदी हुई। तापमान में कमी दर्ज होने से सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
| बिलासपुर | 32.3 |
| ऊना | 30.8 |
| कांगड़ा | 30.4 |
| मंडी | 29.2 |
| सोलन | 28.4 |
| चंबा | 27.8 |
| धर्मशाला | 27.1 |
| हमीरपुर | 27.0 |
| नाहन | 26.0 |
| मनाली | 23.8 |
| शिमला | 21.8 |
