
चंबा में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आने से कार खाई में जा गिरी। हादसे में कार में सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत छह की मौत हो गई। हादसा चुराह उपमंडल के भंजराड़ू-शहवा-भड़कवास मार्ग पर साउआ पधरी नामक स्थान पर वीरवार देर रात हुआ। उधर, चंबा में ही खज्जियार मार्ग पर एक कार खाई में गिरने से एक की मौत हो गई है। वहीं, मंडी जिले में सड़क धंसने से वाहन खाई में गिरने से एक युवक की मौत हो गई है।
चंबा में हुए हादसे में पति-पत्नी, उनका बेटा और बेटी के अलावा दो अन्य लोगों की मौत हुई है। खाई में गिरने से कार के परखच्चे उड़ गए। परिवार वीरवार रात बनीखेत से बुलवास लौट रहा था। मृतकों की पहचान जेबीटी अध्यापक राजेश कुमार (40) निवासीइ बुलवास, चुराह, उनकी पत्नी हंसो (36), बेटी आरती (17) और बेटा दीपक (15) के अलावा राजेश का साला हेम पाल (37) निवासी सलांचा, राकेश कुमार (44 ) शामिल हैं। हेम पाल सेना की डोगरा रेजिमेंट में तैनात थे और बहन हंसो को छोड़ने जा रहे थे। एक अन्य हादसे में चंबा के गेट-खज्जियार मार्ग पर एक कार के खाई में गिरने से चालक कैलाशो राम (37) की मौत हो गई। वहीं, मंडी जिले के बाखली के पास वाहन के खाई में गिरने से एक युवक की मौत हो गई है। हादसे की वजह सड़क धंसना बताया जा रहा है।
किन्नौर कैलाश यात्रा पर गए श्रद्धालु का शव मिल गया है। 7 अगस्त को लापता हो गए थे। मृतक की पहचान दुखी राम सरकार (35) अरुण मॉडल पाली, पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। रेस्क्यू टीम को पार्वती कुंड के पास उनका शव मिला। पुलिस ने मृतक के परिवार को सूचित कर दिया है।
राजधानी शिमला में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सुबह के समय धूप खिली और दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। हमीरपुर के दियोटसिद्ध में बाबा बालक नाथ मंदिर के रास्ते पर शेड में पहाड़ी से चट्टानें गिरने से गेट नंबर पांच और बकरा स्थल के बीच आवाजाही ठप हो गई। हादसे के वक्त कोई श्रद्धालु और कर्मी यहां मौजूद नहीं था। चंडीगढ़-मनाली एनएच पर झीड़ी के समीप पहाड़ दरकने से मार्ग पर आधा घंटा यातायात प्रभावित रहा। पनारसा के शाडला में शुक्रवार शाम अचानक बाढ़ आ गई।
मलबे के साथ पत्थर और लकड़ी बहती हुई एनएच तक पहुंच गई। भुंतर में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद बड़ोगी नाले में बाढ़ आ गई। बाढ़ से नाले पर बने तीन पुल बह गए। सेब व प्लम के कई पेड़ भी इसकी चपेट में आए। कई जगह खेतों में मलबा घुस गया है। इस बीच मौसम, विभाग ने प्रदेश में शनिवार और रविवार को कुछ जगह बारिश का येलो और 11 से 14 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।
शिमला, गगल और भुंतर में शुक्रवार को हवाई सेवाएं सुचारु रहीं। शुक्रवार शाम तक प्रदेश में आनी-कुल्लू एनएच सहित 357 सड़कें, 599 बिजली ट्रांसफार्मर और 177 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। शुक्रवार शाम करीब 3:45 बजे मूसलाधार बारिश होने से कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ में फिर भूस्खलन हुआ। इस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पौने घंटे बाद वनवे ट्रैफिक चलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कुल्लू की सैंज घाटी में दोपहर के आसपास मूसलाधार बारिश हुई। एनएचपीसी के डैम के पास भारी भूस्खलन होने से सैंज-न्यूली मार्ग बंद हो गया है। किन्नौर जिले के रिब्बा गांव के पास रालढंग खड्ड में आई बाढ़ से स्कीबा के पास बाधित एनएच-5 छोटे वाहनों के लिए शुक्रवार को बहाल हो गया है।
