
अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर संदीप शाह गिरोह के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के खिलाफ मिले सबूतों के बाद पुलिस ने चौपाल, कोटखाई, रोहडू और शिमला शहर में दबिश देकर यह कार्रवाई अमल में लाई है। सदर पुलिस की टीमें विभिन्न क्षेत्रों से बुधवार रात को आरोपियों को लेकर थाने पहुंचीं। पुलिस इस मामले में अभी तक गिरोह के सरगना संदीप शाह समेत 67 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले पुलिस 59 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है।
अब गिरफ्तार आरोपियों के लिए अनुपूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। संदीप शाह कोलकाता में बैठकर दिल्ली से नशा तस्करी का यह रैकेट चलाता था। नशा तस्करी के लिए वह बेरोजगार और नशे के आदी कॉलेज के छात्रों का इस्तेमाल करता था। इन्हीं की मदद से शाह नशे की खेप शिमला पहुंचता था और इसके बाद नशे को छोटी-छोटी मात्रा में जगह-जगह छिपाया जाता था। पेमेंट आने के बाद उसे संदीप शाह वीडियो और लोकेशन भेजकर नशा लेने के लिए कहता था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने की वजह से वह तकनीक का इस्तेमाल करके ऑनलाइन पूरे रैकेट को चलाता था। वह डार्क वेब का गिरोह का सरगना संदीप शाह है सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस्तेमाल करता था। अभी तक जांच में गिरोह से बड़ी संख्या में लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है।
इसमें बड़ी संख्या में युवतियों भी शामिल हैं। तस्कर संदीप शाह का गिरोह शिमला में वर्षों से चिट्टा तस्करी को अंजाम दे रहा था। गिरोह इतने शातिर तरीके से नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था कि पुलिस को काफी समय तक इसकी भनक तक नहीं लगी। गिरोह में शामिल पुलिस कर्मचारियों के अलावा सरकारी विभाग के अधिकारी समेत महिला वकील और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में करोड़ों की चिट्टा तस्करी की बात सामने आई हैं। पुलिस ने गिरोह के सरगना संदीप शाह को कोलकाता से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी जबकि दिल्ली से एक नाइजीरियन नागरिक को पकड़ा है। वहीं बुधवार को निवासी कोटखाई, सन्नी निवासी संजौली, देवेंद्र वर्मा निवासी कांगल कुमारसेन, विपुल मस्ताना निवासी रोहडू, रजनीश चौहान निवासी लोअर सीमीट्री शिमला, स्वराज खन्ना निवासी छोटा शिमला, साहिल निवासी नेरवा शिमला को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी संजीव गांधी ने बताया कि संदीप शाह की शह पर चलने वाला चिट्टा तस्करी का यह गिरोह तीन और चार ग्राम की कम मात्रा में नशे की तस्करी करता था। ऐसे में आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल होता था। सरगना गिरोह से जुड़े पैडलरों को व्हाट्सएप पर नशे की सप्लाई को विभिन्न स्थानों पर छोड़ने के निर्देश देता था। इसके बाद खरीदारों को ऑनलाइन वीडियो भेजकर नशा लेने के लिए कहा जाता था। तस्करी का तरीका ऐसा था कि नशे की सप्लाई करने वाले और लेने वाले के बीच किसी तरह की बातचीत या जान पहचान नहीं होती थी। नशे की कम मात्रा होने के कारण पैडलकर या खरीदार के पकड़े जाने पर पुलिस को इसमें किसी बड़े गिरोह का हाथ होने का संदेह नहीं होता था। यही वजह है कि शाह गिरोह साल तक शहर और जिले के कई क्षेत्रों में नशा तस्करी को अंजाम देता रहा और जिले की युवा पीढ़ी नशे के गर्त में गिरती रही।
कोटखाई पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राहुल शर्मा निवासी प्रेमनगर कोटखाई, हर्ष धांटा निवासी जुब्बल और अनिकेत बरागटा निवासी चौपाल के रूप में हुई है। कोटखाई पुलिस ने कुछ दिन पहले 15 ग्राम चिट्टे के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में आगामी कार्रवाई करते हुए इन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस द्वारा नशीले पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत बुधवार देर रात शाहपुर पुलिस ने (सिहोलपुरी) वरदाई में जल शक्ति विभाग स्टोर के पास एक युवक को 6.44 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा। आरोपी युवक चिट्टे को बेचने की फिराक में था । आरोपी की पहचान मोहित दास (25) पुत्र गोपाल सिंह निवासी बाल्मिकी कालोनी धर्मशाला जिला कांगड़ा के तौर पर हुई है। थाना प्रभारी शाहपुर करतार सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी। नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
