हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सुंदरनगर के पूर्व विधायक सोहन लाल के डीओ नोट पर किए गए तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार सहित विधायक सोहन लाल को नोटिस जारी करते हुए मामले में जवाब दायर करने को कहा है। अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट योगराज के तबादला आदेश पर रोक लगाई है। उनका स्थानांतरण कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पूर्व विधायक के कहने पर कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने विपेंद्र काल्टा मामले में फैसला दिया है कि सांविधानिक पदों के तहत मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक स्थानांतरण की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके अलावा मुख्य सचिव को भी निर्देश दिए गए हैं कि उनके सिवाय कोई दूसरा व्यक्ति इस अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकता, उसके बावजूद पूर्व विधायक के डीओ नोट पर 23 जून को उनका तबादला कर दिया गया। याचिकाकर्ता को मंडी जिले के पशु चिकित्सा औषधालय कलहोड़ से नागविधार बाग स्थानांतरित किया गया था।