जिले में जमीन का विवाद निपटाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन की निशानदेही करवाने और लंबित कोर्ट केस खत्म करवाने के नाम पर शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये मांगे गए। शिकायत मिलने पर माजरा पुलिस थाने में कानूनगो परमजीत सिंह, कुलदीप, रविंद्र और धीरज के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता रफीक मोहम्मद के अनुसार उसने धौलाकुआं में करीब 11 बीघा जमीन खरीदी थी। कुछ महीनों के बाद उसने जमीन की निशानदेही के लिए आवेदन किया तो कानूनगो परमजीत सिंह से पता चला कि जमीन के संबंध में पहले से ही कोर्ट में मामला चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद को खत्म कराने और जमीन की निशानदेही करवाने के नाम पर उससे 10 लाख रुपये हड़प लिए गए। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि शिकायत के अनुसार 25 जनवरी को कानूनगो परमजीत ने फोन कर शिकायतकर्ता को बुलाया। अगले दिन शिकायतकर्ता अपने चालक के साथ परमजीत के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां पर कुलदीप, रविंद्र और धीरज भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक विवाद सुलझाने पर उससे कुल 10 लाख रुपये देने की बात कही गई और उसने तत्काल 1.50 लाख रुपये परमजीत को दिए।

इसके बाद 28 जनवरी को बाकी 8.50 लाख रुपये अन्य आरोपियों को देने का दावा किया गया। हालांकि, बाद में जमीन की निशानदेही टालने और अन्य आरोपियों की ओर से जमीन में आने पर धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं, अदालत ने चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

शिकायत में आरोप, पैसे नकद में ही देने को कहा
शिकायत के मुताबिक जमीन का विवाद और कोर्ट केस निपटने के लिए रकम नकद में देने को कहा गया था। दावा किया कि उसके पास पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। साथ ही शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामला खत्म नहीं होने पर उसने पैसे वापस मांगे, तो उसे धमकाया गया। शिकायतकर्ता ने चारों के बीच कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए कथित लेन-देन, जमीन की निशानदेही, आरोपियों की भूमिका और कोर्ट केस से जुड़े घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।