नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा सत्र में सराज के लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर और आपदा प्रभावितों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। कहा कि सराज के करीब 60 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है लेकिन चार लोगों पर तिरंगे के अपमान को लेकर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने पुलिस से पूछा कि पुलिस यह बताए कि उन चार लोगों के बारे में पुलिस के पास क्या सबूत हैं। वीडियो में ऐसा कहीं पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।

मंडी में पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि तिरंगे झंडे का अपमान तब होता है जब कोई जानबूझकर ऐसा करता है। जबकि सराज में जब मंत्री जगत सिंह नेगी ने जनता के साथ अड़ियल रवैया अपनाया तो लोगों ने अपना विरोध दर्ज किया और उसे अब तिरंगे झंडे का अपमान बताया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने मंत्री जगत सिंह नेगी पर तंज कसते हुए कहा कि जब किन्नौर में आपदा आई तो क्या वहां से संस्थान शिफ्ट किए गए, लेकिन आज सराज से सिर्फ इसलिए संस्थान शिफ्ट किए जा रहे हैं क्योंकि वह नेता प्रतिपक्ष का इलाका है। अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में मौजूदा सरकार ने इसके सिवाय और कुछ नहीं किया।

थुनाग के वाणिकी महाविद्यालय के लिए जमीन और बजट का प्रावधान उनकी सरकार में किया गया था, लेकिन मौजूदा सरकार भवन को न बनवाकर उल्टा इस संस्थान को यहां से ले जाना चाह रही है जोकि उचित नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसियों की तरफ से पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल के काफिले पर भी काले झंडे फेंके गए थे। स्वतंत्रता दिवस के समारोह में गए कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर के साथ भी ऐसा ही घटनाक्रम कांग्रेसियों ने अंजाम दिया था। जब वे स्वयं सीएम थे तो उस दौरान भी कांग्रेसियों ने ऐसा कई बार किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से दर्ज एफआईआर को तुरंत प्रभाव से वापिस लेने की मांग की है।