
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राज्य के मेधावी विद्यार्थियाें को संबोधित करते हुए कहा कि मेरिट सूची जीवन की मंजिल नहीं, बल्कि सिर्फ एक पड़ाव है। असली सफर तो अब शुरू होता है, जो नवाचार, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास के सहारे तय करना होगा। धर्माणी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अलग चलने की हिम्मत दिखाएं। बुधवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में आयोजित अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। धर्माणी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तकनीकी क्रांति के इस युग ने भविष्य के लिए अनगिनत नए रास्ते खोल दिए हैं, जिनका लाभ मेधावी युवाओं को उठाना चाहिए।
उन्होंने छात्रों को यह समझने की सलाह दी कि केवल अकादमिक सफलता अब पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलते समय के साथ कौशल, रचनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि आज के छात्र अगर एआई, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस जैसे क्षेत्रों में खुद को अपडेट करें, तो वे न केवल खुद के लिए, बल्कि समाज और देश के लिए भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।उन्होंने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को लेकर सरकार की ओर से की जा रही नई पहलों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि असली सफलता मेरिट लिस्ट से नहीं, बल्कि अपने जुनून, परिश्रम और नवाचार से मिलती है। तकनीकी शिक्षा में सरकार की पहलें छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर रूप से तैयार करेंगी, बशर्ते वे साहसिक और नया सोचने का दृष्टिकोण अपनाएं।
धर्माणी ने कहा कि राज्य के पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे छात्र व्यावहारिक ज्ञान में दक्ष हो सकें। उद्योगों से साझेदारी कर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है, जिससे छात्रों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिले। इनोवेशन हब और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर प्रदेश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में खोले जा रहे हैं। धर्माणी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि हर छात्र को आत्मनिर्भर और उद्योग के लिए तैयार बनाना है।
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बतौर अतिथि शामिल हुए स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों का हौसला बढ़ता है। अमर उजाला समाचार पत्र अपना सामाजिक कर्तव्य बखूबी निभा रहा है। टॉपर छात्र-छात्राओं को एक मंच पर लाकर उन्हें सम्मानित करना अमर उजाला का प्रशंसनीय कार्य है। इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक और समारोह के विशेष अतिथि डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि मेधावी बच्चों को इस समारोह से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। गरिमामयी समारोह में शामिल मेधावियों से अन्य बच्चों को भी इस मंच तक पहुंचने का संदेश गया है। प्रदेश के टॉपर बच्चों को एक मंच पर लाने के लिए अमर उजाला समाचार पत्र का प्रयास काबिलेतारीफ है। इस समारोह से बच्चों को भविष्य में और लगन से पढ़ाई करने की प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम में शामिल सभी बच्चों को हार्दिक बधाई।
समारोह में सम्मानित होने आए बच्चों ने राजधानी शिमला घूमने का लुत्फ भी उठाया। कई बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ माॅल रोड और रिज मैदान की सैर की। धुंध के आगोश में सिमटे राज्य अतिथिगृह पीटरहॉफ शिमला के लॉन में भी बच्चों ने खूब फोटोग्राफी की। सम्मानित होने वाले कई बच्चे ऐसे भी थे, जो पहली बार शिमला आए। प्रदेश के कोने-कोने से आए बच्चों और उनके अभिभावकों ने एक-दूसरे से मिलकर नए रिश्ते बनाए। इस दौरान फोटाेग्राफी करने के साथ बच्चों ने मोबाइल फोन नंबर और सोशल मीडिया आईडी भी एक्सचेंज की।
राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने समारोह का आयोजन करने के लिए अमर उजाला समाचार पत्र का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। सम्मानित होने वाले मेधावियों के अभिभावकों के लिए भी यह पल अविस्मरणीय होता है। दूरदराज के क्षेत्रों से शिमला पहुंचे अभिभावकों के चेहरों पर यह चमक साफ दिखाई दी। शिक्षा बोर्ड का अध्यक्ष होने के नाते मैं स्वयं भी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं
