
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1901 के बाद से इस बार जुलाई में 73वीं सबसे ज्यादा 250.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश साल 1949 में 548.6 मिलीमीटर हुई थी। राज्य में इस बार जुलाई में सामान्य से 2 फीसदी कम बारिश हुई। जुलाई में 255.9 मिमी बारिश को सामान्य माना गया था लेकिन वास्तव में 250.3 मिमी बारिश हुई। मंडी जिले में सबसे अधिक 574.7 मिमी और लाहौल-स्पीति में सबसे कम 32.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर में सामान्य से 10, हमीरपुर 12, कुल्लू 25, मंडी 49, शिमला 70, सिरमाैर 4 व ऊना में 12 फीसदी अधिक बारिश हुई। जबकि चंबा में सामान्य से 18, कांगड़ा 10, लाहाैल-स्पीति 75 व सोलन में 18 फीसदी कम बारिश हुई।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 1, 4 और 5 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 2, 3, 6 और 7 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि आज चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। 2 से 5 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का येलो अलर्ट है। वहीं अगले 2-3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु के उत्तरार्ध (अगस्त से सितंबर ) के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
