
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को दुष्कर्म मामले में आरोपी ऊना के एसडीएम विश्व मोहन को पीड़िता के साथ समझौते करने के बाद अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत के पिछले आदेशों के बाद पीड़िता व्यक्तिगत तौर पर पेश हुई। पीड़िता ने अदालत को बताया कि आरोपी एसडीएम ने उसके साथ शादी करने को कहा है। इसके बाद दोनों के बीच समझौता हो गया। समझौते के तहत अब पीड़िता मामले को वापस लेना चाहती है। इसके लिए उसकी ओर से अदालत में एक आवेदन भी दायर किया गया है। न्यायाधीश राकेश कैंथला की अदालत ने पीड़िता के बयानों को सुनने के बाद मामले को विचार के लिए 16 अक्तूबर के लिए रख दिया है। तब तक अदालत ने एसडीएम को पुलिस जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं।
चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने जवाब दायर कर दिया है। सरकार को पक्षकार बनाने के खिलाफ सीबीआई ने आवेदन दायर किया था। सरकार ने इसी आवेदन पर अपना जवाब दाखिल किया है। उधर, न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने 9 अक्तूबर तक हरिकेश मीणा की अंतरिम जमानत बढ़ा दी है। वहीं, विमल नेगी की पत्नी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि एकल न्यायाधीश के फैसले में यह स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार का कोई भी अधिकारी इस मामले की जांच के सदस्य नहीं होंगे। उसके बाद भी सरकार इस मामले में पक्षकार बनना चाहती है, जो अदालत के फैसले की अवहेलना है। बता दें कि राज्य सरकार ने इस मामले में पक्षकार बनाने के लिए आवेदन किया है। अदालत ने पक्षकार के रूप में शामिल होने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद सीबीआई ने इसका विरोध किया।
