
योग और ध्यान धूम्रपान की लत छुड़ाने में किस हद तक मददगार हो सकते हैं, यह पपरोला स्थित आयुर्वेद कॉलेज के सहयोग से अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) के महत्वपूर्ण शोध कार्य में स्पष्ट होगा। शोध धूम्रपान की लत छुड़ाने में योग और ध्यान की भूमिका को साफ करेगा। इस शोध में धूम्रपान की लत से जूझ रहे लोगों को दो समूहों में बांटा गया है। पहले समूह को प्रतिदिन प्राणायाम, ध्यान और आसनों का अभ्यास कराया जा रहा है। दूसरे समूह को बिना योग-ध्यान के सामान्य तरीके से निगरानी में रखा गया है।
अगले कुछ महीनों तक दोनों समूहों पर नियमित परीक्षण होंगे, ताकि पता लगाया जा सके कि योग से प्रतिभागियों की तलब और मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लगभग 80 लाख लोग धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवाते हैं। भारत में करीब 26 करोड़ लोग तंबाकू या धूम्रपान की लत से पीड़ित हैं। अमूमन धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करने वाले अधिकांश लोग कुछ ही समय बाद दोबारा इसकी ओर लौट आते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि योग और ध्यान से शरीर में ऑक्सीजन स्तर बेहतर होता है। मानसिक तनाव घटता है और आत्मनियंत्रण क्षमता बढ़ती है। इससे धूम्रपान की इच्छा धीरे-धीरे कम हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर परिणाम सकारात्मक रहे तो यह पद्धति भविष्य में वैज्ञानिक और प्राकृतिक उपचार के रूप में सामने आएगी। विश्वविद्यालय का दावा है कि इस शोध में सफलता मिलने पर परिणामों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा ताकि धूम्रपान छोड़ने के लिए योग और मेडिटेशन को एक मानक विधि के रूप में अपनाया जा सके।
धूम्रपान की लत छुड़ाने के लिए योग और ध्यान की भूमिका को सत्यापित करने के लिए पपरोला आयुर्वेद कॉलेज के साथ प्रोजेक्ट शुरू किया है। शुरुआती रिपोर्ट आनी बाकी है। छह माह में प्रारंभिक रिपोर्ट मिलेगी। सेंटर में धूम्रपान छोड़ने के लिए आने वालों को प्रशिक्षण और प्रोटोकॉल बनाकर योग करवाया जाएगा। अच्छे परिणाम आने की पूरी उम्मीद है।- प्रो. डाॅ. सुरेंद्र कश्यप, कुलपति, एएमआरयू
