हिमाचल प्रदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एरिया के दायरे में आने वाली पंचायतों में भवनों के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) शुल्क तय कर दिया है। घरेलू निर्माण के लिए 100 रुपये, जबकि व्यावसायिक निर्माण के लिए 1000 रुपये शुल्क तय किया गया है। पंचायतों की ओर से एनओसी जारी करने की सेवा को भी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के साथ एकीकृत करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में पंचायतें एनओसी मैनुअल के तौर पर अलग-अलग फॉर्मेट में जारी करती हैं। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत ग्राम पंचायतों की वैधानिक जिम्मेदारियों पर आधारित मानदंडों पर एक समान एनओसी फॉर्मेट व अस्वीकृति फॉर्मेट और आवेदन पत्र तैयार किया गया है।

अगर भवन मालिक पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति सड़क, रास्ता, जल स्रोत, पाइपलाइन, नाला, खेल मैदान समेत अन्य संरचनाओं पर अतिक्रमण करता है तो एनओसी अस्वीकार माना जाएगा। पंचायत सचिव को सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े अभिलेखों की गंभीरता से जांच करनी होगी। जरूरत पड़ने पर पंचायत की ओर से मौके पर क्षेत्र सत्यापन भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से मनमानी पर रोक लगेगी और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी। एनओसी जारी करने से पहले प्रस्ताव ग्राम सभा में आएगा। यहां सर्वसहमति से फैसला लिया जाएगा कि घरेलू निर्माण व व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एनओसी जारी करना है या नहीं। यह सेवा केवल ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाएगी। आवेदन और प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन ही जारी किए जा सकेंगे।