हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश ने फिर तबाही मचाई है। बादल फटने से इस बार मंडी शहर के विभिन्न स्थानों पर कहर बरपा है। मंडी शहर के जेल रोड़ में अभी तक तीन लोगों की पानी के बहाव में बहने से मौत की पुष्टि हुई है। एक महिला का शव मलबे में दबी गाड़ियों के बीच में फंसा हुआ था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकला गया।

मलबे में फंसे कई लोगों को खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला गया।  मंडी सदर क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रखने का फैसला लिया गया। बादल फटने के बाद आई बाढ़ में दर्जनों छोटे-बड़े वाहन मलबे में दब गए हैं और कुछ बह गए हैं।  इसके अलावा पैलेस काॅलोनी, जोनल अस्पताल और अन्य स्थानों पर बारिश ने कहर बरपाया है। पुलिस विभाग, एनडीआरएफ, होमगार्ड और अग्निशमन विभाग की टीमों की ओर से बचाव एवं राहत कार्य चलाया जा रहा है। 

मृतकों में बलबीर सिंह पुत्र कृष्ण सिंह, अमनप्रीत सिंह उर्फ सनी पुत्र दर्शन सिंह व सपना पत्नी दर्शन सिंह के रूप में हुई है। एक व्यक्ति दर्शन सिंह घायल है और उपचार के लिए मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर वासियों ने डर के साए में पूरी रात काटी। सुबह नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक सदर अनिल शर्मा, नगर निगम के मेयर वीरेंद्र भट्ट, कमीशनर रोहित राठौर और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।  एसपी मंडी साक्षी वर्मा भी मौके पर माैजूद रहीं। 

ब्यास, सुकेती, और सकोडी खड्ड के उफान पर होने से साथ लगते घरों के लोग भी सहम गए। धर्मपुर लोनिवि मंडल कार्यालय व अधीक्षण अभियंता कार्यालय के ऊपर भारी भूस्खलन हुआ है। कई गाड़ियों के दबने की भी सूचना है। चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे बीती रात से बाधित हैं। 

चंडीगढ़-मनाली एनएच पर 4 मील, 9 मील, दवाड़ा, झलोगी और अन्य स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। इसी तरह से पठानकोट-मंडी पर भी पधर से लेकर मंडी तक अनेकों स्थानों पर भूस्खलन हुआ है।  जिला में अभी भी बारिश का दौर जारी है। राहत कार्यों में दिक्कतें पेश आ रही हैं। मंडी शहर के विक्टोरिया पुल के पास भी भूस्खलन हुआ है। 

 बादल फटने के बाद सुबह नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी जेल रोड पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। इस दाैरान डीसी मंडी भी माैजूद रहे। उनके साथ विधायक मंडी सदर अनिल शर्मा भी माैजूद रहे। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला मंडी के जेल रोड में बादल फटने की घटना पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने राहत कार्यों में जुटे स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।

बीती रात मंडी में 198.6, पंडोह 124.0, कटौला 89.1, देहरागोपीपुर 74.0, बरठीं 72.4, नादौन और ऊना 72.0, गोहर और सुजानपुर टिहरा 66.0, काहू 59.4, रायपुर मैदान 55.6, नेरी 54.5, मालरांव 52.0, अंब 50.0, मुरारी देवी 49.4, गुलेर 48.0 व  पालमपुर में 47.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज राज्य के कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन घंटों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य के कई भागों में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है।

राज्य में मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक तीन नेशनल हाईवे सहित 269 सड़कें बाधित रहीं। इसके अलावा 649 बिजली ट्रांसफार्मर व 98 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 177 सड़कें, 540 बिजली ट्रांसफार्मर व 39 जल आपूर्ति स्कीमें प्रभावित हैं।  

प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 28 जुलाई तक 164 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 269 लोग घायल हुए हैं। 35 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 74 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।  बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,607 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,168 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,402 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,52,311.51 लाख रुपये पहुंच गया है।