कारगिल युद्ध के प्रथम शहीद कैप्टन सौरभ कालिया पर लिखी पुस्तक ‘द लीगेसी ऑफ कैप्टन सौरभ कालिया’ का विमोचन पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने किया। मलिक ने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने बेटों को सौंपने वाले परिवारों का मनोबल बढ़ाना सबका कर्तव्य है। इन परिवारों का पूरा साथ दिया जाना चाहिए, जिससे अपने लाडलों का खोने का गम कुछ कम हो सके। पुस्तक युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी। पुस्तक में कैप्टन सौरभ के बचपन, उनकी पढ़ाई और सेना में शामिल होने तक की यात्रा बताई गई है। कैसे गश्त लगाते समय कैप्टन कालिया और उनके पांच साथियों को पाकिस्तानी सैनिकों ने बंदी बना लिया। कैप्टन कालिया के पिता के बेटे के लिए न्याय की लड़ाई का भी पुस्तक में जिक्र है।

इस पुस्तक को कैप्टन कालिया के परिवार, दोस्तों और शिक्षकों के साक्षात्कारों के साथ-साथ कैप्टन की डायरी और पत्रों के अंशों के आधार पर लिखा गया है। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पूर्व विस अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल, विधायक आशीष बुटेल, शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के पिता डाॅ. एनके कालिया, माता विजय कालिया और शहीद कैप्टन कालिया के साथी मौजूद रहे। रविवार को पालमपुर के होल्टा कैंप स्थित कैप्टन विक्रम बतरा ऑडिटोरियम में एस सेन और एनके कालिया की ओर से लिखित पुस्तक के विमोचन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि देशभक्ति और कर्तव्य का पालन करते हुए प्राण न्योछावर करने की भावना सबसे बड़ी है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि सौरभ कालिया जैसे युवा छोटी से उम्र में मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर अमर हो गए हैं। इस कार्यक्रम में पहुंचे कैप्टन सौरभ कालिया के स्कूल, काॅलेज और आईएमए के साथियों ने उनके साथ बिताए पलों को साझा किया। लेखिका एस. सेन किताब के विमोचन के अवसर पर नहीं पहुंच पाईं।