भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पिछले कई महीनों से भीषण आपदा की चपेट में है। भूस्खलन, बाढ़ और लगातार बारिश से प्रदेश का बुनियादी ढांचा बुरी तरह ध्वस्त हुआ, हजारों परिवार उजड़ गए और सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस संकट की घड़ी में जनता को तत्काल राहत, पुनर्वास और ठोस कदमों की जरूरत थी, लेकिन अफसोस की बात है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह असंवेदनहीन और अक्षम साबित हुई। मुख्यमंत्री और उनके मंत्री केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानबाजी में व्यस्त हैं, जबकि जमीन पर उनकी मौजूदगी कहीं नहीं दिखती। हाल ही में सुंदरनगर में सात लोगों की दर्दनाक मौत हुई, लेकिन सरकार का कोई मंत्री तक प्रभावित परिवारों के पास संवेदना प्रकट करने नहीं पहुंचा। यह कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण है।

जम्वाल ने कहा कि इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा की गंभीरता को समझते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं हिमाचल आए, प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और धर्मशाला में उच्चस्तरीय बैठक लेकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने हिमाचल के लिए 1500 करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा की, जो पहले से जारी 5125 करोड़ की राशि के साथ मिलाकर कुल 6625 करोड़ हो गया। मोदी सरकार ने हिमाचल को हर क्षेत्र में मजबूती दी है। भाजपा शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, असम और त्रिपुरा ने हिमाचल के लिए करोड़ों रुपये और राहत सामग्री भेजी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सभी भाजपा विधायक लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों के बीच पहुंच रहे हैं और खाद्य सामग्री, कपड़े, कंबल और यहां तक कि रसोई का सामान तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।