विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में चल रहे श्रावण अष्टमी मेलों के मद्देनजर सप्तमी व अष्टमी को मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखने का फैसला लिया गया है। मेले के छह दिनों तक लाखों श्रद्धालु माता की पवित्र ज्योतियों के दर्शन कर चुके हैं। मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि शक्तिपीठ ज्वालामुखी में छह मेलों तक 25 लाख का नकद चढ़ावा भक्तों की ओर से अर्पित किया गया है। इस दाैरान 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने  माता ज्वाला के दर्शन किए। इस बार भी हर वर्ष की तरह न्यास की ओर से मंदिर को सप्तमी व अष्टमी को भी श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुला रखने का फैसला लिया गया है। 

गुरुवार को सप्तमी मेले पर ज्वालामुखी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लंबी-लंबी कतारों में श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मंदिर न्यास ज्वालामुखी ने जगह-जगह यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए तीन समय के लंगर, पार्किंग, पीने के पानी, शौचालय, दवाइयां व सफाई की उचित व्यवस्था की गई है।  सभी श्रद्धालुओं को लाइनो में ही दर्शनों के लिए भेजा जा रहा है। सुरक्षा कर्मी जगह-जगह तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों से असमाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है।

शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में गुरुवार को सप्तमी के दिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लग गईं।  चिंतपूर्णी थाना के एसएचओ जयराम शर्मा अपनी टीम के साथ व्यवस्था बनाने के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। श्रद्धालुओं को माता रानी के दर्शन के लिए दो से तीन घंटे का समय लग रहा है। लाइनों के लंबी होने के चलते सुगम दर्शन पास सिस्टम को भी कुछ घंटे के लिए बंद कर दिया जा रहा है।  मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा संख्या पंजाब राज्य से है।