
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने शिमला के बालूगंज बाजार में कार्रवाई की। 25 अगस्त को विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और सैंपलिंग की। इस दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़ी कमियां सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान एक मिठाई प्रतिष्ठान में गुलाब जामुन और रसगुल्लों की चाशनी में कॉकरोच पाए गए। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से अनुपयुक्त पाए जाने के बाद करीब 2 क्विंटल मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। यह कार्रवाई खाद्य व्यवसाय संचालक की ओर से विभागीय टीम की मौजूदगी में की गई।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विभाग की टीम ने कुल 7 सैंपल भी लिए हैं। इनमें कलर्ड रसगुल्ला, बर्फी, मिल्क केक, घी और अन्य मिठाइयों के नमूने शामिल हैं। विभाग के अनुसार सभी सैंपलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सहायक आयुक्त डॉ. विजया ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से मिठाई विक्रेताओं को खाद्य रंगों के इस्तेमाल को लेकर सतर्क किया। उन्होंने कहा कि मिठाइयों में केवल अनुमत खाद्य रंगों का ही निर्धारित सीमा के भीतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। किसी भी अनधिकृत या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंग का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग की ओर से निरीक्षण और सैंपलिंग का अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
