हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग (IMD) ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा बढ़ गया है, जबकि एहतियात के तौर पर कुछ जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार शिमला, मंडी, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए सिरमौर और सोलन में शुक्रवार को सरकारी व निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कई शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। बारिश का असर सड़क यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। मंडी–कुल्लू हाईवे पर हणोगी के पास पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। वहीं नाहन में भूस्खलन से कई परिवार घरों में फंस गए और कुल्लू सहित कई क्षेत्रों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।