शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला (IMD) ने हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश में 11 जुलाई तक मौसम खराब बना रह सकता है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि मंडी और शिमला के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

अगले कुछ दिनों तक कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर सहित कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 50 मिलीमीटर बारिश कांगड़ा के गुलेर में दर्ज हुई। इसके अलावा सराहन और सुंदरनगर में 30-30 मिमी, जबकि नादौन और सुजानपुर टीहरा में 20-20 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राजधानी शिमला, नाहन, जोगिंद्रनगर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी बारिश हुई।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, कच्ची ढलानों के धंसने, निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतने और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

उधर, मानसून से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी पूरी तैयारी कर ली है। विभाग ने प्रदेशभर में करीब 15,500 कर्मचारियों को तैनात किया है, जिनमें 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। इसके अलावा 1,156 जेसीबी, डोजर, टिप्पर और अन्य मशीनें चौबीसों घंटे सड़कें बहाल करने के लिए तैयार रहेंगी। आपात स्थिति के लिए छह बेली ब्रिज भी तैयार रखे गए हैं।लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अधिकारियों को अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, शिक्षण संस्थानों, अग्निशमन केंद्रों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक सड़क संपर्क हर हाल में बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संवेदनशील सड़कों और पुलों की लगातार निगरानी करने को भी कहा गया है।