हिमाचल प्रदेश में तीन चरणों में होने जा रहे पंचायती राज चुनाव को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी में शामिल नहीं किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों को अब अगले एक सप्ताह तक अवकाश नहीं मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जाएगी और इसके लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में अधिकांश शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगी हुई है।

ऐसे में शेष स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित कर स्कूलों में नियमित पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। निदेशालय ने चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। आदेशों में कहा गया है कि कई कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर जाने से पहले अपने स्कूलों में पहुंच रहे हैं, जिससे चुनाव संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है। अब ऐसे कर्मचारियों को सीधे संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) अथवा चुनाव प्राधिकरण को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि चुनाव अवधि के दौरान स्कूल बंद करने का फैसला केवल उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को पहले जारी दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। कॉम्प्लेक्स स्कूलों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके अधीन आने वाला कोई भी स्कूल चुनाव प्रक्रिया के दौरान बंद या बिना स्टाफ के न रहे।