हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात दो अलग-अलग जगहों पर आगजनी की घटनाओं ने तबाही मचा दी। कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी के कसोल में एक होटल की ऊपरी मंजिल में अचानक आग भड़क उठी, वहीं शिमला के बनूटी क्षेत्र में तीन दुकानें जलकर राख हो गईं।

कसोल में होटल में लगी भीषण आग
दीपावली की रात कसोल में एक होटल की ऊपरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरा ऊपरी हिस्सा आग की चपेट में आ गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पर्यटक जान बचाकर बाहर निकले।
सूचना मिलते ही कुल्लू अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान दमकलकर्मियों ने पानी की बौछारों और फोम की मदद से आग बुझाई। हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन होटल की ऊपरी मंजिल पूरी तरह से जल गई।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई, जबकि 5 करोड़ रुपये की संपत्ति को बचा लिया गया। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि दिवाली की आतिशबाजी से यह आग लगी।

शिमला के बनूटी में तीन दुकानें राख
इसी रात शिमला ग्रामीण के बनूटी क्षेत्र में भी आग ने कहर बरपाया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे तीन दुकानें धू-धू कर जल उठीं। सूचना मिलते ही बालूगंज अग्निशमन केंद्र की तीन गाड़ियां और करीब 15 सदस्यीय दल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
अग्निशमन अधिकारी गोपाल ने बताया कि आग मोती लाल के भवन में लगी थी। हालांकि आग के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन नुकसान लगभग 20 लाख रुपये आंका गया है।
स्थानीय प्रशासन ने मौके का जायजा लिया है और प्रभावित परिवार को सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

दोनों घटनाओं में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दिवाली की रात इन आगजनी की घटनाओं ने लोगों की खुशियां फीकी कर दीं।