
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपना चौथा बजट पेश किया। बजट पेश करने से पहले ही सदन का माहौल गरमा गया, जहां भाजपा विधायकों ने एंट्री टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया।
🔴 सदन में हंगामा और विरोध
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बजट भाषण के दौरान भी विपक्ष ने नारेबाजी की, जिससे कुछ देर के लिए कार्यवाही बाधित हुई। हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा और सदन की कार्यवाही अस्थायी रूप से स्थगित करनी पड़ी।
🟢 दूध के दाम में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए गाय के दूध का क्रय मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर कर दिया। वहीं भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की गई। इससे किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
🐑 पशुपालकों और चरवाहों के लिए योजनाएं
- चरवाहों को डिजिटल कार्ड दिए जाएंगे
- जीवन बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी
- भेड़पालन को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना शुरू होगी
💰 अधूरे कार्यों के लिए बड़ा प्रावधान
सरकार ने 300 अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सभी गारंटियों को पूरा किया जाएगा।
📊 बजट का आकार और आर्थिक स्थिति
- वर्ष 2026-27 का बजट: 54,928 करोड़ रुपये
- पिछले वर्ष का बजट: 58,514 करोड़ रुपये
- इस बार करीब 3,586 करोड़ रुपये की कमी
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य को केंद्र से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है और राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने से आर्थिक दबाव बढ़ा है।
🌾 किसानों-बागवानों का मुद्दा
सेब पर आयात शुल्क और ट्रेड डील को लेकर मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है और यह किसानों-बागवानों के साथ अन्याय है।
🗣️ सीएम का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गैर-जरूरी संस्थानों को बंद किया जा सकता है।
👉 कुल मिलाकर, बजट में जहां एक ओर किसानों और पशुपालकों के लिए राहत भरे ऐलान हुए, वहीं दूसरी ओर सदन में हंगामे और राजनीतिक टकराव ने माहौल गरमाए रखा।
