
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सेवारत और सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद सैनिक कल्याण विभाग ने अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।
नए बोर्ड का अध्यक्ष सैनिक कल्याण मंत्री को बनाया गया है, जबकि उपाध्यक्ष का नामांकन राज्य सरकार करेगी। बोर्ड में प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिकारी भी शामिल होंगे।
कई वरिष्ठ अधिकारी होंगे बोर्ड के सदस्य
बोर्ड में मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव, सैनिक कल्याण विभाग, राजस्व और वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सदस्य बनाया गया है।
इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बोर्ड में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। इनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी शामिल होंगे।
असम राइफल्स के संपर्क अधिकारी और राज्य कल्याण अधिकारी को भी बोर्ड में सदस्य बनाया गया है। सैनिक कल्याण निदेशक बोर्ड के सदस्य सचिव होंगे।
सेवानिवृत्त जवानों के लिए रोजगार पर रहेगा जोर
बोर्ड का एक प्रमुख उद्देश्य सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों से जुड़ी कल्याण संबंधी समस्याओं की पहचान कर सरकार को आवश्यक नीतिगत सुझाव दिए जाएंगे।
बोर्ड यह सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा कि अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों को प्रदेश में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिले और वे इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
बच्चों की पढ़ाई और छात्रवृत्ति पर भी ध्यान
अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के बच्चों के लिए शैक्षणिक सहायता, छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देना भी बोर्ड के प्रमुख दायित्वों में शामिल किया गया है।
इसके लिए बोर्ड केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के मुख्यालय, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।
तीन साल रहेगा बोर्ड का कार्यकाल
अधिसूचना के अनुसार अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष रहेगा। राज्य सरकार जरूरत के अनुसार अर्धसैनिक बलों और अन्य संबंधित क्षेत्रों से सेवानिवृत्त अधिकारियों तथा विशेषज्ञों को भी बोर्ड में नामित कर सकेगी।
वहीं, बोर्ड के उपाध्यक्ष और गैर-सरकारी सदस्यों के कार्य एवं सेवा शर्तें सरकार समय-समय पर निर्धारित करेगी।
सरकार के इस फैसले से हिमाचल में सेवारत और सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों के जवानों तथा उनके आश्रितों को कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
