
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने के बाद 29 और 30 अक्तूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। वहीं, ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम में बदलाव से प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ठंड बढ़ सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
ऊंचे पहाड़ों पर कहां गिर सकती है बर्फ?
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 अक्तूबर के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और मंडी के ऊपरी इलाकों में मौसम की गतिविधियों पर नजर रहेगी। इसके अलावा 1 और 2 नवंबर को भी ऊंचे क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में बारिश और गरज-चमक के आसार
मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में 29 और 30 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी 29 से 31 अक्तूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।
29 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक की संभावना है। वहीं, 30 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला और कुल्लू के कुछ स्थानों पर भी मौसम खराब हो सकता है। हालांकि, इन गतिविधियों की संभावना सीमित क्षेत्रों में है और पूरे जिले में एकसमान बारिश होना जरूरी नहीं है।
पहले बढ़ेगा तापमान, फिर पड़ेगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटों में कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। अधिकतम तापमान में भी बाद के दिनों में गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
किसानों और पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह
मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। किसानों और बागवानों को भी मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।
कुल मिलाकर, 29 और 30 अक्तूबर को हिमाचल के मौसम में बदलाव के आसार हैं। ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी और कई क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ सकती है। हालांकि, व्यापक बारिश या भारी बर्फबारी का अनुमान नहीं है।
