शिमला/धर्मशाला। 13 करोड़ रुपये की जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के करीबी बताए जा रहे नेक राम को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 5 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।


विजिलेंस धर्मशाला की टीम की कार्रवाई के दौरान रक्कड़ निवासी नेक राम के अलावा उसकी पत्नी और माता के नाम धर्मशाला और पालमपुर में संपत्तियां होने की जानकारी भी सामने आई है।


जाली दस्तावेजों से जमीन हस्तांतरण का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, नेक राम पर जाली दस्तावेजों, हस्ताक्षरों और मुख्तारनामा के जरिए सरकारी/वन भूमि के कथित हस्तांतरण का आरोप है। जांच के दौरान संबंधित जमीन का मूल राजस्व रिकॉर्ड भी गायब पाया गया है।


विजिलेंस अब आरोपी की संपत्तियों और जमीन के सौदों में इस्तेमाल हुए धन के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित लेन-देन से वास्तविक लाभ किसे मिला।


300 रजिस्ट्रियां जांच के दायरे में
विजिलेंस ने नेक राम के नाम दर्ज जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी करीब 300 रजिस्ट्रियों की प्रमाणित प्रतियां कब्जे में ली हैं। एजेंसी वर्ष 2007 से अब तक धर्मशाला, पालमपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुए संदिग्ध भूमि लेन-देन की पड़ताल कर रही है।


जांच में राजस्व अधिकारियों के साथ संभावित गठजोड़ की भूमिका भी खंगाली जा रही है। विजिलेंस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर राजस्व रिकॉर्ड में किस स्तर पर बदलाव किए गए और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।


फिलहाल जांच एजेंसी आरोपी से जमीन के सौदों, वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और कथित वास्तविक लाभार्थियों को लेकर पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में जमीन के सौदों और संभावित अन्य आरोपियों से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।