
धर्मशाला: जिला मुख्यालय के समीप मौजा घनियारा में करीब 84 कनाल सरकारी जमीन को निजी नामों पर दर्ज कर आगे बेचने के मामले में विजिलेंस की जांच तेज हो गई है। इस मामले में 42 खरीदारों और लाभार्थियों को नामजद किया गया है। जांच में प्रथम दृष्टया आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के प्रमाण मिलने की बात सामने आई है।
विजिलेंस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, महाल चकबन घनियारा, महाल मोहली लाहड़ा दी और महाल ठेहड़ में सरकारी भूमि के हस्तांतरण का मामला सामने आया है। सबसे बड़ा हिस्सा चकबन घनियारा का है, जहां अलग-अलग इंतकालों के माध्यम से करीब 3-24-06 हेक्टेयर यानी लगभग 84 कनाल सरकारी जमीन का कथित तौर पर गैरकानूनी हस्तांतरण किया गया।
दस्तावेजों के मुताबिक, 16 मई 2019 को इंतकाल संख्या 117 और 118 के जरिए सरकारी जमीन कई लोगों के नाम दर्ज की गई। इसके कुछ समय बाद 25 मई 2019 को इंतकाल संख्या 120 के तहत 1-45-45 हेक्टेयर भूमि चार व्यक्तियों के नाम दर्ज की गई, जिसे बाद में अन्य लोगों को बेच दिया गया। इसी क्षेत्र में इंतकाल संख्या 128 के जरिए भी सरकारी जमीन निजी नामों पर दर्ज करने और उसके हिस्से बेचने के प्रमाण जांच में मिले हैं।
इसके अलावा महाल मोहली लाहड़ा दी में करीब 3 कनाल और महाल ठेहड़ में 17 मरले सरकारी भूमि के हस्तांतरण की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट में 29 प्रारंभिक लाभार्थियों और 13 बाद के खरीदारों को चिह्नित किया गया है।
जांच में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत अपराध बनने की पुष्टि की गई है। यदि किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आवश्यक अनुमति लेकर कार्रवाई की जाएगी।
कैसे शुरू हुई जांच?
विजिलेंस के पास 10 फरवरी 2025 को इस संबंध में शिकायत पहुंची थी। बाद में शिकायत को नियमित सत्यापन के लिए भेजा गया। 15 जुलाई 2025 को विजिलेंस मुख्यालय शिमला से पत्र जारी होने के बाद 17 जुलाई 2025 को मामला धर्मशाला विजिलेंस कार्यालय की जांच प्रक्रिया में शामिल हुआ।
शिकायत में रक्कड़ निवासी नेक राम पर सरकारी जमीन को अपने परिवार के सदस्यों के नाम स्थानांतरित करवाने समेत कई आरोप लगाए गए थे। जनवरी 2026 में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ी और अब नेक राम के परिवार सहित कुल 42 लोगों को मामले में नामजद किया गया है।
विजिलेंस अब भूमि रिकॉर्ड, इंतकाल और जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े वित्तीय साक्ष्यों की जांच कर रही है। नेक राम की गिरफ्तारी के बाद मामले में नामजद अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
