
सीबीएसई ने हिमाचल प्रदेश के लिए संबंद्धता देने के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया है। कुछ समय पहले यह पोर्टल बंद हो था। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया। सीबीएसई ने हिमाचल प्रदेश में अपना कार्यालय खोलने पर भी हामी भरी है। इसके लिए जमीन का चयन भी हो गया है।
प्रदेश में कार्यालय खुलने से हिमाचल को सीबीएसई के साथ पत्राचार में सुविधा मिलेगी। बैठक में राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूल बनाने को केंद्र से संबंद्धता के नियमों में छूट देने की मांग की। इसके लिए प्रदेश की भौगोलिक स्थिति का हवाला दिया गया। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश का प्रस्ताव रखते हुए सीबीएसई से नियमों में ढील देने का आग्रह किया।
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 स्कूलों को सीबीएसई में बदल दिया जाएगा। योजना के अनुसार प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि बैठक में अधिकारियों को 100 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की योजना के बारे में विस्तार से बताया गया। हिमाचल ने केंद्र से यह मांग उठाई कि पहाड़ी राज्य होने के नाते संबद्धता के नियमों में ढील दी जाए। इसके तहत कमरों के आकार, पीटीआर रेशियो और अन्य नियमों में छूट देने की मांग की गई।
राजेश शर्मा ने कहा कि राज्य केवल पहले से चल रहे स्कूलों को ही सीबीएसई से संबद्ध कराना चाहता है। इस फैसले से सभी क्षेत्रों के विद्यार्थी सुगमता से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
सीबीएसई से संबद्ध किए जाने वाले 100 स्कूलों के लिए अलग सब-कैडर शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। मौजूदा शिक्षकों को सीबीएसई सब-कैडर चुनने का विकल्प दिया जाएगा।
