
हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए आयोग गठित करने को मंजूरी दे दी है। यह आयोग प्रदेश के उपमंडलों, विकास खंडों, तहसीलों और उप तहसीलों के पुनर्गठन के लिए सीमाओं की समीक्षा करेगा। जरूरत के अनुसार ढांचे की सिफारिश, नई सीमाएं तय करने, इकाइयों के पुनर्गठन और संख्या में कटौती को लेकर सुझाव दिए जाएंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकार का मानना है कि पिछले वर्षों में राजनीतिक और स्थानीय जरूरतों के आधार पर कई प्रशासनिक इकाइयों का गठन किया गया, लेकिन इससे सरकारी खर्चों में बढ़ोतरी हुई है। कई स्थानों पर सीमित संसाधनों और कम कार्यभार के बावजूद अलग प्रशासनिक इकाइयां संचालित की जा रही हैं। ऐसे में अब प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक बनाने के लिए व्यापक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रदेश में वर्तमान समय में 12 जिले, 81 उपमंडल, 92 विकास खंड तथा 193 तहसीलें और उप तहसीलें हैं।
आयोग इन सभी इकाइयों की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, दूरी, प्रशासनिक जरूरत, संसाधनों की उपलब्धता और वित्तीय बोझ का अध्ययन करेगा। इसके बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जिन प्रशासनिक इकाइयों में अपेक्षित कार्यभार नहीं है या जहां सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, वहां पुनर्गठन अथवा विलय पर विचार होगा। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर नई व्यवस्थाओं की सिफारिश भी संभव है। इस कदम का उद्देश्य अनावश्यक खर्चों में कटौती कर प्रशासनिक ढांचे को अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब जल्द ही आयोग के गठन की अधिसूचना जारी होगी। आयोग विभिन्न विभागों और जिलों से आंकड़े जुटाने के साथ जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी सुझाव लेगा।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने को भी मंजूरी प्रदान की है। इससे क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
