
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में एमएससी गणित तृतीय सेमेस्टर की 17 जुलाई को निर्धारित परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इसी दिन सीएसआईआर (Council of Scientific and Industrial Research) की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा भी आयोजित हो रही है। दोनों परीक्षाओं की तिथि एक होने से उन विद्यार्थियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है, जो दोनों परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं।
छात्रों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय परीक्षा की तिथि में बदलाव नहीं करता है तो उन्हें किसी एक परीक्षा का त्याग करना पड़ेगा, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है। कई विद्यार्थी शोध और उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए सीएसआईआर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब एचपीयू की परीक्षाओं का राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा से टकराव हुआ हो। इससे पहले सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा के साथ तिथियां टकराने पर विश्वविद्यालय ने बीएड के दो पेपर 17 और 18 जुलाई से बदलकर 7 और 8 अगस्त कर दिए थे। इसके अलावा एमएससी फॉरेंसिक साइंस समेत अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षा तिथियों में भी संशोधन किया जा चुका है।
मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपकर एमएससी गणित तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा तिथि बदलने की मांग की है।
एबीवीपी एचपीयू इकाई के अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि जब पहले भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से टकराव होने पर विश्वविद्यालय ने परीक्षा तिथियों में बदलाव किया है, तो इस मामले में भी छात्रों को समान राहत मिलनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने अप्रैल-जून 2026 में आयोजित विभिन्न स्नातक, व्यावसायिक और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम भी बुधवार को घोषित कर दिए हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:
बीएससी (वार्षिक) द्वितीय वर्ष (नियमित) – 91.91% परिणाम
बीवॉक द्वितीय सेमेस्टर (री-अपीयर) – 98.95%
बीवॉक चौथा सेमेस्टर – 57.10%
बीवॉक छठा सेमेस्टर – 49%
बीएफए छठा सेमेस्टर (नियमित) – 91.67%
ओटी शास्त्री द्वितीय वर्ष – 95.84%
पीजी डिप्लोमा (तबला) द्वितीय सेमेस्टर – 100%
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परिणामों में री-अपीयर परीक्षार्थियों को भी शामिल किया गया है। छात्र विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपनी आईडी के माध्यम से परिणाम देख सकते हैं
