
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का एक बड़ा आंकड़ा विधानसभा में सामने आया है। प्रदेश में जेबीटी और टीजीटी के कुल 5,209 पद खाली पड़े हैं। इनमें अकेले जेबीटी के 4,019 पद रिक्त हैं। इसके अलावा टीजीटी कला, नॉन मेडिकल और मेडिकल के भी सैकड़ों पद खाली हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को विधानसभा में विधायक पवन कुमार काजल, हंस राज, जीत राम कटवाल और दलीप ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
जेबीटी के 4,019 पद खाली
शिक्षा मंत्री के अनुसार प्रदेश में जेबीटी के कुल 20,116 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 14,132 पद भरे हुए हैं, जबकि 4,019 पद खाली हैं।
वहीं टीजीटी कला के 8,486 स्वीकृत पदों में 7,582, टीजीटी नॉन मेडिकल के 5,165 में 4,613 और टीजीटी मेडिकल के 3,068 पदों में 2,828 पद भरे हुए हैं।
इन चारों श्रेणियों में कुल 36,835 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 29,155 पद भरे हैं।
टीजीटी के 1,190 पद रिक्त
31 जुलाई 2026 तक टीजीटी के कुल 1,190 पद खाली थे। इनमें से 764 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि बैचवाइज भर्ती के तहत फिलहाल केवल 13 पदों को भरा जा रहा है। सरकार के अनुसार इन 13 पदों के अलावा टीजीटी के किसी अन्य पद के लिए वर्तमान में बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि बैचवाइज भर्ती के लिए अलग से वार्षिक या समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी करने का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
2024 में भरे गए थे जेबीटी और टीजीटी के पद
सरकार के अनुसार निर्धारित बैचवाइज कोटे के तहत वर्ष 2024 में जेबीटी के 1,161 और टीजीटी के 1,042 पद भरे जा चुके हैं।
अन्य रिक्त पदों को भी निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से भरने की बात सरकार की ओर से कही गई है।
3,214 प्राइमरी स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे
शिक्षकों की कमी का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि प्रदेश के 3,214 राजकीय प्राथमिक विद्यालय केवल एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।
इतना ही नहीं, 101 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी केवल एक-एक शिक्षक के सहारे पढ़ाई हो रही है।
इसके अलावा 393 प्राथमिक और तीन माध्यमिक स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षकों के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात
सरकार के अनुसार प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर 12 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक, माध्यमिक स्तर पर 11 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक और उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर 10 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक उपलब्ध है।
एनटीटी के 6,297 पदों में अभी तक 518 भरे
वहीं प्रदेश के 6,297 प्राथमिक स्कूलों में एनटीटी प्री-प्राइमरी शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम ने 14 एजेंसियों को साक्षात्कार कराने की जिम्मेदारी दी थी।
एजेंसियों की ओर से साक्षात्कार भी करवाए गए, लेकिन योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी पद नहीं भरे जा सके।
अब सरकार भविष्य में डाइट के माध्यम से एनटीटी प्रशिक्षण शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
एनटीटी के कुल 6,297 पदों में से अब तक 518 पदों पर भर्ती की जा चुकी है, जबकि बाकी पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों शिक्षकों के पद खाली होने और बड़ी संख्या में स्कूलों के एक-एक शिक्षक के भरोसे चलने का मामला सामने आने के बाद सरकारी शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
